चैलेंज पर पंडित धीरेंद्र शास्त्री बोले- हाथी चले बाजार कुत्ते भौंके हजार, जब चमत्कारी दरबार लगाए तब उनका बाप मर गया था, हमें किसी को प्रमाण पत्र देने की जरूरत नहीं
मकड़ाई समाचार छतरपुर। बुंदेलखंड के छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण महाराज इन दिनों चमत्कार को लेकर चर्चा का विषय बने हुए है। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का नागपुर में विरोध हुआ। जिस पर उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि ये धर्म विरोधी लोग हैं। हाथी चले बाजार कुत्ता भौंके हजार ऐसी कहानी है। जब हम नागपुर में 7 दिन तक कथा करते रहे और दिव्य चमत्कारी दरबार लगाए रहे, तब उनका बाप मर गया था। हमारा दरबार अभी भी सभी जगह लग रहा है। हमको किसी को प्रमाण पत्र देने की जरूरत नहीं है।
दरअसल बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री हर राज्य में भागवत कथा के साथ अपना दिव्य चमत्कारी दरबार लगाते हैं। ऐसी ही भागवत कथा नागपुर में आयोजित हुई, जो कि बगैर दिव्य चमत्कारी दरवार लगाए दो दिन पहले यानी 11 जनवरी को संपन्न हो गई। जिसके बाद जादू टोना कायदा समिति ने बागेश्वर धाम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। आरोप लगाए है कि बगैर दिव्य चमत्कारी दरबार लगाए नागपुर से धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भाग गए। हमने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को चैलेंज दिया था कि आप हम लोगों के बीच दिव्य चमत्कारी दरबार लगाइए ऑन कैमरे पर और सत्य बता देंगे तो 30 लाख रुपए उन्हें भेंट स्वरूप राशि दी जाएगी।
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मीडिया से बात करते हुए नागपुर के विषय में बताया कि जानकारी हमको लगी है। उनका ऐसा कहना है कि हमको दरबार देखना है। पूर्व में ही हम लोगों ने बता दिया था कि 7 दिन की कथा होगी। अब जब वहां से निकल आए, तो वही कहावत हो गई हाथी चले बाजार कुत्ता भौंके हजार। अब वह कह रहे कि हम 30 लाख देंगे तो देवे 30 लाख हम रख लेगे उनका पैसा। कुछ नहीं है ये सब लोग धर्म विरोधी हैं। जब हम नागपुर में 7 दिन तक कथा करते रहे और दिव्य चमत्कारी दरबार लगाए रहे तब उनका बाप मर गया था। उस समय उन्हें यह याद नहीं आया।
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि दरबार के दौरान वह आते तो बता देते उन्हें चमत्कार। हमारा दरबार अभी भी सभी जगह लग रहा है। हमको किसी को प्रमाण पत्र देने की आवश्यकता नहीं ना हम किसी प्रमाण पत्र को देने के चक्कर में है। ना हम कोई दावा करते हैं ना कोई चमत्कार करते हैं ना कोई दरबार लगाते हैं। हम तो बब्बा जु की सेवा करते हैं। जितनी वह राशि 30 लाख हमें देने की बात कर रहे उतनी गरीब बेटियों के विवाह में खर्च करें।