टिमरनी : नगर के प्रतिष्ठित व्यवसायी के डी परिवार के द्वारा अपनी स्वर्गीय माँ श्रीमती चंद्र प्रभा देवी सिंघई की स्मृति में टेमागांव के पास नेशनल हाइवे रोड पर संत निवास बनाने के लिए भूमिपूजन किया गया जिसमे क्षेत्र के संत महात्मा व गणमान्य लोग विशेष रूप से उपस्थित रहे के डी परिवार के सुनील जैन ने बताया की हमारा परिवार शुरू से ही धार्मिक प्रवत्ति का रहा है हमारी माँ के स्वर्गवासी होने पर हमने सोच लिया था की माँ की स्मृति में कोई
धार्मिक भवन अवश्य बनायेगे इसी कड़ी में हमने टेमागांव के पास हाइवे पर जमीन खरीदी थी ताकि इस भूमि पर कोई भवन बनाकर समाजसेवा करेंगे चूँकि इस हाइवे पर संतगणों के लिए रुकने विश्राम करने के लिए कोई भवन नहीं था इसलिए परिवार ने हमारी माँ की स्मृति में संत निवास बनाने की ठानी इसके लिए भूमिपूजन का कार्यक्रम रखा गया था जिसमे क्षेत्र के संतगणों के साथ ही कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे संत निवास बनाने को लेकर के डी परिवार की सभी लोग ने बहुत तारीफ की वही क्षेत्र वासियो ने बताया की संत निवास बनने के कारण कई संत जो पैदल यात्रा करते उन्हें व अन्य लोगो को भी बहुत सुविधाएं मिलेगी |
ब्रेकिंग
एमडी ड्रग्स मामले में हंडिया पुलिस की कार्रवाई, सह-आरोपी गिरफ्तार
न्यायालय परिसर में लगा वृहद स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, 37 लोगों की हुई जांच
ढोलगांव कला में बिजली विभाग की लापरवाही से हादसे का खतरा, ग्रामीणों की जागरूकता से बची गौवंश की जान
शहर में गूंजा जय श्रीराम, राम फेरी ने मनाया 15वां स्थापना दिवस बुजुर्ग भक्तों का सम्मान कर लिया आशी...
बारंगा में दुपट्टा पहनाने के बाद गरमाई आदिवासी सियासत, भाजपा में शामिल होने की चर्चा पर आया स्पष्टीक...
हंडिया बस स्टैंड पर अतिक्रमण का नया मामला: दुकान के सामने टप, जमघट और गांजा पीने के आरोप!
हरदा में पंचायत उप-निर्वाचन 2026 के लिए खिरकिया विकासखण्ड के 4 मतदान केंद्रों के भवनों में किया बदला...
हरदा में IFMIS की तकनीकी समस्याओं के निराकरण के लिए हर गुरुवार लगेगा हेल्पडेस्क शिविर
आज का सुविचार जीवन में सबसे बड़ी जीत किसी और को हराना नहीं, बल्कि खुद की कमजोरियों पर जीत पाना है।
आज 18 सितंबर 2026 - मध्य प्रदेश का मौसम अपडेट
चौधरी मोहन गुर्जर मध्यप्रदेश के ह्र्दयस्थल हरदा के जाने माने वरिष्ठ पत्रकार है | आप सतत 17 वर्षो से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवायें देते आ रहे है। आपकी निष्पक्ष और निडर लेखनी को कई अवसरों पर सराहा गया है |
