दिल्ली में संसद की सुरक्षा में तैनात जवान की हत्या, शव मुरैना पहुंचा तो गुस्साए परिजनों ने लगा दिया जाम
मकड़ाई समाचार मुरैना। देश की संसद की सुरक्षा में पदस्थ मुरैना के जवान को दिल्ली में ही साथी सिपाही ने गोलियों से भून दिया। बुधवार की सुबह जवान की पार्थिव देह मुरैना पहुंची ताे आक्रोशित स्वजन व युवाओं ने शव को घर ले जाने से पहले हाइवे पर जाम लगा दिया। करीब डेढ़ घंटे तक हाइवे पर जाम रहा। आला अफसरों के समझाने पर जाम खुला।
मुरैना के प्रेमनगर निवासी वकील सिंह पुत्र आशाराम सीआरपीएफ में पदस्थ थे। वर्तमान में वह दिल्ली में संसद की सुरक्षा में तैनात कंपनी में बतौर कंपनी हवलदार के मेजर पर पदस्थ थे। बताया गया है कि सोमवार की शाम छुट्टी नहीं मिलने और लगातार ड्यूटी लगाने के आरोप लगाते हुए सीआरपीएफ के ही हवलदार अमन कुमार ने मुरैना के जवान वकील सिंह को गोलियों से भून दिया। हवलदार अमन कुमार ने ताबड़तोड़ फायरिंग करते हुए 7 गोलियां वकील सिंह को मारी, जिससे उनकी मौके पर ही माैत हो गई। बुधवार की सुबह वकील सिंह का शव मुरैना बैरियर स्थित रेस्ट हाउस परिसर में पहुंचा। जहां से शव को ले जाने आए हजारों युवाओं व मृतक के स्वजनाें ने एमएस रोड पर मां-बेटी चौराहे के पास जाम लगा दिया। शव के साथ आए सीएआरपीएफ के कमांडेंट व अन्य अफसर मृतक जवान के स्वजनों को समझाते रहे, लेकिन वह मृतक को शहीद का दर्जा देने, पीड़ित परिवार को मुआवजा, आरोपित हवलदार को फांसी की मांग कर रहे थे। मौके पर पहुंचे एसडीएम संजीव जैन, सीएसपी अतुल सिंह ने लोगों को समझाया तब कहीं जाम खुला। जाम के दौरान डेढ़ घंटे तक एमएस रोड पर वाहनों की कतार लग गई।
घर के पास प्लांट में करेंगेे अंतिम संस्कारः सीआरपीएफ जवान वकील सिंह का शव प्रेमनगर स्थित उनके घर पहुंचा तो पूरा मोहल्ला गमगीन हो गया। मृतक के पिता व स्वजन रो-रोेकर कई बार बेहोश हो गए। मृतक जवान के अंतिम संस्कार के लिए घर के पास एक खाली प्लाट में तैयारियां चल रही हैं। शहीद सम्मान के साथ मृतक का अंतिम संस्कार होगा, इसके लिए दिल्ली से ही सीआरपीएफ कमांडेंट विनोद कुमार त्रिवेदी, जवानाें की पूरी टीम के साथ आए हैं।