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पुलिस चौकी में बलात्कार : प्रेमी के लिए प्रेमिका ने हैडकांस्टेबल को बनाया था निशाना

मकड़ाई समाचार सीकर। प्रेमी के साथ घर से भागकर शादी करने वाली युवती से छेड़छाड़ और सिंगरावट चौकी में बलात्कार के आरोप से घिरा हैडकांस्टेबल सुभाषचंद पुलिस की जांच में पाक साफ साबित हुआ है। जांच में झूठ साबित होने पर पुलिस ने गुरुवार को मामले में एफआर पेश कर दी है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि सुभाषचंद्र ने युवती के साथ बलात्कार नहीं किया। उसका कसूर इतना था कि उसने युवती को थाने में धमकाया था और उसके पति को बंद करने की धमकी दी थी। पुलिस अधीक्षक कुंवर राष्ट्रदीप का कहना है कि इस आरोप में हैडकांस्टेबल को चार्जशीट दी जाएगी। हालांकि पुलिस की साख खराब करने के मामले में पुलिस अब युवती और उसके पति के खिलाफ मामला दर्ज करने की तैयारी में हैं।

पति बना प्रेमी था मास्टरमाइंड

सिंगरावट चौकी में बलात्कार के इस मामले में युवती पुलिस और अदालत में दिए बयानों में पलट गई। पुलिस की जांच में सामने आया है कि इस मामले का मास्टरमाइंड युवती का पति था। हैडकांस्टेबल सुभाषचंद ने उसके पति को धमकाया और युवती को भगाकर ले जाने के मामले में जेल भेजने की बात कहीं थी। ऐसे में युवती के पति ने अपना बचाव करने के लिए युवती को हैडकांस्टेबल के खिलाफ झूठा मामला दर्ज करवाने के लिए तैयार किया था।

महिला कांस्टेबल की सीडीआर प्रमुख आधार

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बलात्कार के इस मामले में गंगानगर जिले में तैनात महिला सिपाही की मोबाइल कॉल डिटेल जांच का प्रमुख आधार रही है। पुलिस उप अधीक्षक ग्रामीण राजेश आर्य ने बताया कि महिला कांस्टेबल हैडकांस्टेबल के साथ सिंगरावट चौकी तक आई थी। दोनों के मोबाइल की लोकेशन से यह प्रमाणित होता है। हैडकांस्टेबल, युवती व उसका पति तड़के करीब चार बजे सिंगरावट चौकी पहुंचे। उस दौरान चौकी पर कोई पुलिस जाब्ता उपस्थित नहीं था। युवती के परिजन भी वहां नहीं आए थे। ऐसे में चौकी की सार-संभाल करने वाले चौकी भवन के पड़ौसी शंकर कुमावत की पत्नी व बेटी को वहां बुलाकर युवती को उन्हें सौंपा गया था। दिन में करीब नौ बजे परिजनों के आने पर युवती से समझाइश की गई। लेकिन उसने अपने परिजनों के साथ जाने को तैयार नहीं हुई। ऐसे में हैडकांस्टेबल सभी को लेकर धोद थाना पर पहुंचा। वहां पर युवती को उसकी इच्छा के अनुसार उसके पति को सौंप दिया गया।

जांच में नहीं मिला बलात्कार का एक भी सबूत पुलिस ने इस मामले की जांच करीब 15 दिन में पूरी कर ली। पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान बलात्कार का एक भी सबूत नहीं मिला। मामला दर्ज होने के बाद पीडि़ता ने घटना से ही इनकार कर दिया। यहां तक की पीडि़ता को मेडिकल कराने के लिए चिकित्सा अधिकारी के समक्ष पेश किया गया, लेकिन उसने इनकार कर दिया। उसे घटना के दौरान पहने कपड़े पेश करने के लिए पुलिस की ओर से नोटिस दिया गया तो लिखित में जवाब दिया कि उसके साथ बलात्कार की कोई घटना नहीं हुर्ह है। यहां तक की युवती और उसके पति ने नक्सा-मौका करवाने से मना कर दिया। ऐसे में पुलिस ने रास्ते में आने वाले टोल नाकों के फुटेज भी देखे, लेकिन रात का समय होने के कारण फुटेज साफ नजर नहीं आए।

इनका कहना है-

सिंगरावट चौकी में युवती से बलात्कार की जांच पूरी हो गई है। जांच में मामला झूठा पाए जाने पर न्यायालय में एफआर पेश कर दी गई है। हैडकांस्टेबल के खिलाफ झूठा मामला दर्ज करवाने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जांच में यह भी सामने आया है कि हैडकांस्टेबल सुभाषचंद ने युवती के पति को लड़की भगाकर ले जाने के मामले में धमकाया था। ऐसे में उसे चार्जशीट दी जाएगी।

कुंवर राष्ट्रदीप पुलिस अधीक्षक, सीकर