सोशल मीडिया पर गर्माया मामला
पूर्व सरपंच एवं वर्तमान सरपंच समर्थकों का आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी
मकड़ाई समाचार हरदा /सिराली। जहां एक और सरकार की मंशा पंचायती राज्य को सशक्त और शक्तिशाली बनाने के लिए बेहिसाब धन आवंटित किया गया था । जिससे ग्राम की मूलभूत आवश्कताओ की पूर्ति हो सकें जैसे पक्कें रोड, पक्की नालियां,बिजली,सीसी सड़क और पानी आदि।सरकारी धन मिला इन आवश्यक कार्यों का विकास हो सके लेकिन उनकी ग्राम सरकार में बैठे कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधियों ने सरकारी राशि की ऐसी बंदरबांट की है कि एक से दिया सबको दिखा मगर दुसरे हाथ से चुपचाप ले लिया जिसकी भनक किसी को न लगें। ऐसा ही एक नजारा आपको जिले की ग्राम पंचायत सिराली में देखने को मिलेगा। शासकीय निर्माण कार्यो में किस प्रकार हेराफेरी करके हम तरह से राशि निकाले की लोगो को लगे कि खर्च हुआ और बाद में वापिस जेब में आ जाए। इसी को लेकर चालाक सरपंच सचिव ने एक नया तरीका निकाला और फर्जी बिल व्हाउचर लगाकर सरकारी राशि की बंदरबाट की।मजदूरो को ही फर्जी कंट्रक्शन कंपनी का मालिक बना दिया। जब सच्चाई उजागर हुई तो सरपंच सचिव एक दूसरे के बगले झांकने लगे।
क्या है पूरा मामला
सिराली के विगत 5 वर्षों का कार्यकाल देखा जाए तो विवादों से गहरा नाता रहा है,लेकिन विगत वर्ष में मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में सरकार बदल गई थी। सरकार बदलते ही नई सरकार नें जहां-जहां भाजपा से समर्थित सरपंच सचिव या अन्य किसी भी कर्मचारी को हटाकर अपने चहेतों को बिठा लिया।इन विवादों में भ्रष्टाचार की गाथा इतनी लंबी है कि उसका छोर मिलने का नाम ही नहीं ले रहा है।भ्रष्टाचार के लगे आरोपों के चलते पूर्व सरपंच आरती कमल कौशिक को अपने पद से हाथ धोना पड़ा तो उसके बाद बने सरपंच आभा दिनेश राजपूत एवं सचिव प्रेम नारायण राठौर एवं पंच कांग्रेसी नेता ने भ्रष्टाचार की ऐसी गाथा लिखी जिसका अंत मिलना भी मुश्किल हो रहा है। स्कूल सीसी रोड सीसी नाली मोटर पंप एवं केवल के नाम पर ऐसे लोगों को पेमेंट कर दिया है। जिन्होंने कभी न तो रेत,गिट्टी का व्यापार किया और न ही कभी पंचायत का मुहॅ देखा है।जो मंडी में हम्माली करने वाले हम्माल सिराज खान के नाम पर लगभग एक लाख 46 हजार रुपए डाल दिए और उस व्यक्ति को पता ही नहीं लेकिन जब पैसे निकालने की बारी आई तो पंच कांग्रेसी नेता आनंद सिन्दा ने जाकर सिराज खान के खाते से पैसा निकाल लिया।जब सिराज ने पूछा यह रुपये किस बात का है तो उन्होंने कहा कि मैंने विश्वास के तौर पर आपके खाते में डाल दिया था। जब मीडिया द्वारा सिराज खान से पूछा गया कि आप के खाते में कितना पैसा डाला तो उन्होंने बताया कि 98000,30000,और 18000 राशि ऐसे तीन बार रुपए डाले गए थे ।जिसे बाद में खाताधारको से निकलवा लिए। इसी प्रकार दूसरा मामले में पंडित कंट्रक्शन के नाम पर भी 60,000 रुपए खाते में डाल कर निकाल लिया गयां।जब पंडित कंट्रक्शन के मालिक अरुण गोरखे से पूछा गया तो बताया कि पंडित कंट्रक्शन के नाम से मेरी कोई दुकान नहीं है। मैं तो एक खदान पर काम करने वाला मजदूर हूं ।एक बार आनंद शिंदे ने मुझसे कहा था कि मैं तुम्हारे खाते में पंचायत से रुपए डलवा देता हूं मुझे निकाल कर वापस दे देना।इसलिए मेरे खाते में पैसे डाले गए थे । ग्राम पंचायत सरपंच एवं सचिव से जब इन दोनों नाम के व्यक्तियों के बारे में जानकारी ली तो दोनों ने अनभिज्ञता जताते हुए एक दूसरे के ऊपर मढ़ दिया ओर एक दूसरे के बगले झांकने लगे।सिराज खान एवं पंडित कंट्रक्शन जैसे फर्जी नाम के बिल लगाकर ग्राम पंचायत में शासकीय रूपों की जो बंदरबांट की है।इसकी भरपाई कौन करेगा यह तो वक्त ही बताएगा।
पूर्व सरपंच पर भी हुई थी कार्यवाही
एक भवन निर्माण के दौरान पूर्व सरपंच पर भी इसी प्रकार आरोप लगे थे।शिकायत पर पूर्व जिला पंचायत सीईओं ने उन पर कार्यवाही व राशि की रिकवरी भी निकलवाई थी।जिसको लेकर उस के कई ग्राम के नेताआं ने सरपंच आदि पर बहुत टीका टिप्पणी की थी।जब जिला पंचायत ने उस समय कठौर कार्यवाही कर मामले का निपटान किया था। इस मामले में अब जिला पंचायत क्या जबाबदारी निभायेगी।ग्राम पंचायत में विकास कार्यो के नाम पर सरकारी राशि का दुरुपयोग होता जा रहा है।जिससे ग्राम पंचायत की छवि धूमिल हो रही है।
विना जीएसटी टीन नंबर के लगे कंट्रक्शन के फर्जी बेंडरो पर हो आपराधिक प्रकरण दर्ज
ग्राम पंचायत के सचिवों की शैक्षणिक योग्यता पर भी सवाल खड़े हो रहे है। किस प्रकार आँखे बंद करके फर्जी बिल लगाए। जिनको न तो वेरिफाई किया और न ही देखा।पहले भी इसी पंचायत में केबल वायर खरीदा भुगतान भी हो गया। लेकिन उस केबल वायर का उपयोग कहा किया गया। उंसकी जानकारी आज तक नही मिली।इसी प्रकार यहां पर फर्जी बिल व्हाउचर पर हजारो लाखो रुपये की बंदरबाट बिकास के नाम पर की गई।निर्माण कार्यो का भुगतान हो गया। लेकिन किये गए बिकास कार्य की गुणवत्ता सिराली की नवनिर्मित सड़को पर आप देख सकते हो।
इनका कहना है।
मुझे नहीं मालूम की सिराज खान के खाते में पैसे कितने डाले क्यों डाले यह पंडित कंट्रक्शन कौन है यह मैं नहीं जानता आप सरपंच से पूछिए। – प्रेमनारायण राठौर ,सचिव ,ग्राम पंचायत सिराली
सिराज खान कौन है और पंडित कंट्रक्शन कौन है यह मुझे नहीं मालूम ग्राम पंचायत सचिव ही बताएगा कि इनको पैसे क्यों और किसके कहने पर डालें। – दिनेश राजपूत ,सरपँच पति, ग्राम पंचायत सिराली
मेरे खाते में पैसे डालने के बाद आनंद सिदां मेरे पास आया और बताया कि पंचायत से मैंने आपके खाते में पैसे डलवाए थे वह निकाल कर मुझे मुझे दे दो तो मैंने पैसे निकाल कर दे दी बस इससे ज्यादा मुझे कुछ पता नहीं है। – सिराज खान,मंडी हम्माल सिराली
मेरा कोई पंडित कंस्ट्रक्शन का काम नहीं है मेरे खाते पर ग्राम पंचायत से रुपए डाले थे मैंने आनंद शिंदे को निकाल कर दीये मुझे नहीं पता किस लिए पैसे डाले थे। – पंडित कंट्रक्शन,अरुण गोरखे सिराली
कल हमारा प्रतिनिधि मंडल द्वारा विधायक शाह से मिलेगा साथ ही दोषी सरपंच सचिव व बेंडरो के खिलाफ राशि वसूली प्रकरण दर्ज करने की मांग की जायेगी। जगदीश सोलंकी जनपद अध्यक्ष खिरकिया
हमने सिराज से रेत खरीदी जिसकी रायल्टी हमारे पास उपलब्ध है अरुण गोरखे से हमने गिट्टी और अन्य सामान खरीदा उक्त सामग्री का उपयोग हमने सड़क नाली बनाने में किया। अलग अलग मदो से हुए निर्माण कार्य मे सामग्री का उपयोग किया गया है और इन दोनो व्यक्तियो से खरीदी की सामग्री का भुगतान पंचायत द्वारा किया गया है। राशि बंदरबांट का आरोप निराधार है।.- आनंद सिंदा पंच एवं कांग्रेस नेता सिराली