के के यदुवंशी, सिवनी मालवा। पुलिस अधिकारी से बहस कर रही महिलाए, पुलिस की लापरवाही पर नाराज है, महिलाएं पुलिस की कार्यशैली से नाराज है। एसडीओपी सौम्या अग्रवाल से बहस के दौरान महिलाओं का कहना है भीड़ में से कई लोगों को पुलिस बचा रही है, सिर्फ हमारे बच्चों पर कार्रवाई की जा रही है। हमें बिना वजह परेशान किया जा रहा है, अगर हमारे बच्चों को नहीं छोड़ा गया तो हम यही बैठ जाएगें। जिसके बाद एसडीओपी व थाना प्रभारी महिलाओं को समझाने में जुट गए लेकिन महिलाए अपनी बात पर अड़ी रही।
यह पूरा घटनाक्रम उस समय हुआ जब पुलिस थाने के अंदर डीआईजी, एसपी गुरचरण सिंह, एएसपी अवधेश प्रताप सिंह थाना प्रभारी के केबिन में बैठे थे और बाहर महिलाएं पुलिस पर जमकर अपना गुस्सा निकाल रही थी। कुछ समय बाद महिलाएं गुस्सा होकर पुलिस थाने के बाहर सड़क पर बैठ गई। जहां जमकर नारेबाजी की। सारी महिलाएं गौतस्करों की हत्या के आरोपियों की परिजन है जो पुलिस द्वारा गौस्तकरी से जुड़े लोगों को बचाने से नाराज है।
पूरा मामला मंगलवार बुधवार की रात में अवैध रूप से गौवंश ले जा रहे गौ तस्करो के साथ हुई मारपीट में एक व्यक्ति की मौत के बाद पुलिस जहां एक ओर हत्या के आरोपियों की धड़पकड़ में जुटी है लेकिन उनसे जुड़े लोगों पर पुलिस की मेहरबानी के कारण पुलिस पर सवाल उठना शुरू हो गए है। गौतस्करों की मौत के आरोपियों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि घटना को अंजाम भीड़ ने दिया है लेकिन पुलिस ने हमारे बच्चों को ही आरोपी बनाया है बाकी को छोड़ दिया है । वहीं पुलिस गौ तस्करों और उनके मददगार व संरक्षकों को बचाने में जुटी हुई है, उनपर कोई कार्रवाई पुलिस ने अभी तक नहीं की है। ना ही स्थानीय स्तर पर गौ तस्करी में मदद करने वाले लोगों को पुलिस पकड़ रही है।