मकड़ाई एक्सप्रेस 24 शिवपुरी : शहर की शिव शक्ति नगर कालोनी निवासी एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के साथ सॉफ्टवेयर बेचने के नाम पर साइबर ठगों ने 21 लाख रुपये की ठगी की है। इस मामले में फरियादी ने सॉफ्टवेयर कंपनी से संपर्क करने का प्रयास किया तो उसके सारे कंटैक्ट इंटरनेट मीडिया से गायब हो गए। बैंक प्रबंधन भी सॉफ्टवेयर इंजीनियर की स्वीकृति के बिना उसे प्रदान किए गए ऋण के मामले से अब पल्ला झाड़ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार शिव शक्ति नगर कालोनी निवासी शिक्षक नगेंद्र रघुवंशी का बेटा नितांत रघुवंशी दिल्ली में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। वह अपने घर शिवपुरी आया था। इस दौरान उसे उसके काम के लिए एक सॉफ्टवेयर की आवश्यकता पड़ी। यह सॉफ्टवेयर खरीदने के लिए उसने पुणे की कंपनी आरएक्स एसोसिएट को आनलाइन संपर्क किया। कंपनी प्रबंधन द्वारा सॉफ्टवेयर खरीदने के लिए उसके मोबाइल पर भेजी गई लिंक पर उसने क्लिक किया। सॉफ्टवेयर खरीदने के लिए 33 हजार रुपये का ऑनलाइन पेमेंट किया।
नितांत को सॉफ्टवेयर तो नहीं मिला लेकिन उसके आईसीआईआई बैंक एसबीआई बैंक, चार क्रेडिट कार्ड आदि की पूरी कुंडली सायबर ठगों के पास पहुंच गई। सायबर ठगों ने सबसे पहले नितांत के खाते में जमा दो लाख से अधिक रुपये गायब किए। इसके बाद उसके आईसीआईआई बैंक और चार क्रेडिट कार्ड से प्री-अप्रूव लोन तथा एसबीआई बैंक से अप्रूव पर्सनल लोन सहित सभी लोन उसके खातों में मंगवाया। इसके बाद उन सभी रुपयों को छह ट्रांजेक्शन के माध्यम से दूसरे खातों में ट्रांसफर कर लिया गया। नितांत के अनुसार बैंकों ने यह सारे लोन उसकी सहमति के बिना ही खातों में डाले। इंजीनियर के पिता ने मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक को दर्ज करा कर मामले की पड़ताल कर इस सायबर ठगी का खुलासा करने की मांग की है।

