सिवनी मालवा: मिठाइयों के सैंपल भरे, खराब हैं या सही की रिपोर्ट आएगी दीपावली के बाद, नगर में बिक रही है। धड़ल्ले से मिलावट वाली मिठाइयां !
➡️ के के यदुवंशी पत्रकार,
सिवनी मालवा। दीपावली त्योहार पर मिठाइयों का सीजन शुरू हो गया है मिलावट का खेल भी शुरू हो चुका है खासकर मिठाई में इन दिनों जमकर मिलावट होती है। लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले दुकानदार पर जिम्मेदार विभाग की कार्रवाई की रफ्तार काफी ढीली होने के कारण हर साल धड़ल्ले से मिलावटी मिठाइयों बेची जाती हैं और इस साल तो खुलकर मिठाइयां जगह-जगह सप्लाई कर बेची जा रही है। हालांकि मिलावटी मिठाइयां न बिके इसके लिए सेहत विभाग की खाद्य सुरक्षा टीम भी सतर्क हो जाती है, लेकिन सैंपल लेकर खानापूर्ति की जा रही है। इसलिए इस सीजन में बाजार से मिठाइयां खरीदकर खाना चाहते हैं तो उसकी जिम्मेवारी आपकी खुद की होगी। कारण, विभाग जो सैंपल ले रहा है उनकी रिपोर्ट कई दिन बाद आएगी। तब तक सभी मिठाइयां बिक चुकी होंगी और लोग इसे खा भी चुके हैं। बाद में पता चलेगा कि वह मिठाइयां ठीक थी या सेहत खराब करने वालीं।
दीवाली के दिन बाजारों में मिठाइयां बिकने के लिए तैयार हैं। हलवाई कई-कई दिन पहले मिठाइयां बनाकर रख लेते हैं ताकि त्योहार के दिनों में ज्यादा से ज्यादा बिक्री कर सकें। अब यह मिठाइयां शुद्ध दूध या मावा से बनाई जा रही हैं या नहीं, इसकी जांच विभाग की खाद्य सुरक्षा टीम द्वारा की जानी होती है, जोकि नहीं हो रही।
जिसका फायदा उठाकर शहर के बड़े मिठाई विक्रेता मुनाफा कमाने के लालच में नकली, मिलवाटी दूध मावा नकली आदि से मिठाइयां तैयार कर अपने गोदामों में स्टोर कर रहे हैं। खाद्य विभाग की टीम जांच के नाम पर एक दिन छोटी-मोटी दुकानों पर चेकिग कर कुछ सैंपल इकट्ठे कर रही है।
जबकि शहर की किसी भी बड़ी या नामी मिठाई वाली दुकान से न तो सैंपल भरे गए और न ही उनके गोदामों की चेकिग की गई है। हालांकि पहले ही विभाग की टीम विशेष चेकिग व सैंपलिग अभियान चलकर सैंपल जांच के लिए लैब भेजना था ताकि उनकी रिपोर्ट दीवाली से पहले आ सके अब भी सैंपल भरकर जांच के लिए भेजता है तो उसका कोई फायदा नहीं होगा। क्योंकि उनकी रिपोर्ट तब आएगी, जब लोग मिठाइयां खा चुके होंगे। डाक्टरों का कहना है कि मिलावटी मिठाई लीवर, किडनी को भी डैमेज कर सकती है।
इनका कहना है।
पूरे मामले में बताया कि हमारे द्वारा मिठाई बनाने वाले कारखाने पर जांच की गई जिसके सैंपल भी लिए गए हैं प्रथम दृष्टि हमें कुछ ज्यादा मिलावट संदेह लगता है तो दुकान को सील कर सकते हैं। नहीं तो सैंपल जांच के बाद कार्रवाई करते हैं।
जितेंद्र सिंह राणा खाद्य अधिकारी
नर्मदापुरम।

