इंदौर। विजयादशमी को बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन देवी दुर्गा ने महिषासुर का वध किया था और भगवान राम ने इसी दिन रावण का वध किया था। हर साल शारदीय नवरात्रि के दसवें दिन रावण का पुतला दहन किया जाता है। देश के लगभग हर शहर में रावण का पुतला बुराई के प्रतीक के रूप में दहन किया जाता है। इस बार इंदौर में दशहरा अनोखे तरीके से मनाया जाएगा. राजा रघुवंशी हत्याकांड में शामिल सोनम समेत दूसरी कई आरोपी महिला अपराधियों का पुतला जलाया जाएगा।
‘कलयुगी शूर्पणखाओं’ का होगा दहन
इंदौर की संस्था पौरुष ने एक पोस्टर जारी किया। इसमें बताया गया है कि इस बार शहर के महालक्ष्मी नगर स्थित मेला ग्राउंड में रावण नहीं बल्कि मॉर्डन कलयुगी शूर्पणखाओं का पुतला जलाया जाएगा। इस बार विजयदशमी का पर्व 2 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस पोस्टर में ये भी लिखा है कि अब महाप्रतापी पंडित रावण का दहन नहीं, व्यभिचारी शुर्पणखा का दहन करें। इसके साथ ही इसमें लिखा है कि ऐसी पतिहंता मॉर्डन शूर्पणखाओं को सजा-ए-मौत दी जाए।
सोनम से लेकर निकिता तक शामिल
हर साल दशहरे पर दसमुख वाले रावण का दहन किया जाता है। इस बार संस्था पौरुष ने पोस्टर पब्लिश करके 11 आरोपी महिलाओं का पुतला जलाने का निर्णय लिया है। इस पोस्टर के मुताबिक इसमें उन महिलाओं को शामिल किया गया है जिन्होंने अपने पतियों को अलग-अलग तरीके से मौत के घाट उतार दिया। इंदौर की सोनम रघुवंशी भी शामिल है जिस पर अपने पति राजा रघुवंशी को मेघालय में ले जाकर हत्या करने का आरोप है। नीले ड्रम कांड में शामिल मेरठ की मुस्कान समेत 11 महिला आरोपी शामिल हैं।

