भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने अपने कार्यकाल का तीसरा बजट विधानसभा में पेश किया है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने प्रदेश की जनता के लिए कई बड़े और महत्वपूर्ण ऐलान किए। इस दौरान पीएम आवास योजना को लेकर भी बड़ा ऐलान किया गया है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि राज्य में 6 हजार 850 करोड़ पीएम आवास के लिए प्रावधान होगा, इसके अलावा पीएम जनमन के लिए 900 करोड़ का प्रावधान होगा, वहीं जी रामजी के लिए 10428 करोड़ रुपए का प्रावधान रहेगा।
ग्रामीण विकास विभाग के लिए 40062 करोड़ रुपए का प्रावधान
इसके अलावा सरकार ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिए 40062 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। बता दें “प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना” अंतर्गत वर्ष 2025-26 में लगभग 1 हज़ार 500 किलोमीटर सड़कों के निर्माण एवं लगभग 7 हज़ार किलोमीटर सड़कों के नवीनीकरण का लक्ष्य पूर्ण होगा। विगत बजट भाषण में घोषित “मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना” के अंतर्गत ऐसी बसाहटें जिनमें मुख्य सड़क मार्ग से पहुँचने हेतु सड़क उपलब्ध नहीं है, के लिए 30 हज़ार 900 किलोमीटर सड़क निर्माण हेतु स्वीकृति दी गई है।
क्षतिग्रस्त पुलों के पुनर्निर्माण के लिए 4,572 करोड़ रुपये की योजना
“क्षतिग्रस्त पुलों का पुनर्निर्माण योजना” के अन्तर्गत 1 हज़ार 766 पुल तथा पुलियों के निर्माण की रुपये 4 हज़ार 572 करोड़ की योजना स्वीकृत की गई है।
इस योजना के लिये वर्ष 2026-27 में रुपये 900 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित है. सड़कों एवं पुलों के निर्माण एवं संधारण के लिये वर्ष 2026-27 में रुपये 12 हज़ार 690 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित है।
किन लोगों को मिलता है पीएम आवास योजना का फायदा
पीएम आवास योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, निम्न आय वर्ग और मीडियम आय वर्ग को शामिल किया गया है। इसमें ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के लोगों की सालाना आय सालाना 3 लाख रुपये तक होनी चाहिए, निम्न आय वर्ग वालों की सालाना आय 6 लाख रुपये तक होनी चाहिए और मिडिल क्लास कैटेगरी के लोगों की आय 9 लाख रुपये तक होनी चाहिए। इन कैटेगिरी में आने वाले लोगों को सराकर की तरफ पीएम आवास योजना के तहत 2.5 रुपये तक की सहायता प्रदान की जाती है। इसमें 1.5 लाख रुपये केंद्र सरकार और 1 लाख रुपये की सहायता राज्य सरकार की तरफ से दी जाती है।

