कूनो नेशनल पार्क में गूँजी शावको की किलकारी
मकड़ाई एक्सप्रेस 24 श्योपुर । भारत के महत्वाकांक्षी ‘प्रोजेक्ट चीता’ के लिए 18 फरवरी 2026 का दिन एक ऐतिहासिक उपलब्धि लेकर आया है। कूनो नेशनल पार्क में दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता ‘गामिनी’ ने तीन स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। यह गामिनी का दूसरा प्रसव है, जो भारतीय वातावरण में इन जीवों के सफल अनुकूलन को दर्शाता है।
गामिनी की सफलता और बढ़ता कुनबा
दक्षिण अफ्रीका से चीतों के भारत आगमन की तीसरी वर्षगांठ के अवसर पर यह खबर कूनो के लिए किसी उपहार से कम नहीं है। इससे पहले गामिनी ने अपने पहले प्रसव में 6 शावकों को जन्म दिया था (जिनमें से 5 जीवित रहे)। अब इन 3 नए मेहमानों के आने से कूनो में चीतों का परिवार और भी बड़ा हो गया है।
भारत में चीतों की वर्तमान स्थिति
इस सफल प्रसव के साथ ही ‘प्रोजेक्ट चीता’ ने कई नए आंकड़े छुए हैं:
कुल चीतों की संख्या- भारत में अब चीतों की कुल संख्या बढ़कर 38 हो गई है।
भारतीय धरती पर जन्म- अब तक भारत में कुल 9 बार शावकों का सफल जन्म हो चुका है।
जीवित भारतीय शावक – वर्तमान में भारत की मिट्टी पर जन्मे जीवित शावकों की संख्या 27 पहुँच गई है।
गूँज रहा है संरक्षण का संकल्प
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने इस उपलब्धि को भारतीय वन्यजीव संरक्षण की दृढ़ता का प्रतीक बताया है। यह सफलता कूनो के फील्ड स्टाफ, वैज्ञानिकों और पशु चिकित्सा टीमों के दिन-रात के समर्पण का परिणाम है। प्रत्येक नया जन्म भारत में विलुप्त हो चुके चीतों को पुनः स्थापित करने के सपने को हकीकत में बदल रहा है।

