इंदौर। मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर अपने त्योहारों, परंपराओं और अनोखी सांस्कृतिक विरासत के लिए भी दुनिया भर में पहचाना जाता है। आज रंगपंचमी के अवसर पर इंदौर में विशाल गेर यात्रा का आयोजन किया जाता है। आज इंदौर की सड़कों पर लाखों लोग जुटे हुए हैं. यहां तक कि इंदौर की गेर देखने देश-विदेश से भी लोग पहुंचे है। राजवाड़ा इस उत्सव का केंद्र था और धीरे‑धीरे यह शाही परंपरा पूरे शहर का जनोत्सव बन गई।
अलग-अलग जगहों से गेर की हुई शुरूआत
आज रंगपंचमी के अवसर पर करीब साढ़े 10 बजे टोरी कॉर्नर की गेर की शुरूआत हुई। इस गेर में बड़ी संख्या में लोग शामिल हैं। लोगों पर रंग उड़ाते हुए कुछ ही देर में यह गेर गोराकुंड चौराहे पर पहुंच गई। जैसे ही गेरों का सिलसिला टोरी कॉर्नर से राजवाड़ा की ओर आगे बढ़ा पूरे इलाके में रंगों के बादल उमड़ने लगे। रंग और गुलाल से क्षेत्र सतरंगी हो गया। वहां मौजूद कोई शख्स रंगों और पानी से भीगे बिना नहीं रह सका।
रंग फेंकने वाली मिसाइलें
गेर में कई ऐसे रंग फेंकने वाली मिसाइलों को शामिल किया गया हैं जो आसमान में 100 फीट तक रंग उछाल रही हैं। इस वजह से पूरे आसमान में रंग बिखरे हुए हैं। इस वर्ष भी करीब 5 लाख से अधिक लोग गेर में शामिल हो सकते हैं. जिसमें स्थानीय नागरिकों से लेकर विदेशी पर्यटकों तक शामिल होते हैं।
क्यों खास है इंदौर की गेर
ऐशिया की सबसे बड़ी रंग यात्रा
करीब 80 वर्षो का इतिहास
लाखों लोगों की भागीदारी
हाईटैक गुलाल मशीनों का इस्तेमाल
परंपरा, आधुनिकता और सामूहिक उत्सव का अनूठा सम्मिश्रण
गेर के बाद सफाई व्यवस्था तुरंत शुरू
ऐतिहासिक गेर समाप्त होने के बाद सफाई व्यवस्था तुरंत शुरू कर दी गई। सफाई मित्रों की टीम गेर खत्म होते ही राजवाड़ा क्षेत्र में पहुंची और सड़कों पर फैले रंग, पानी और कचरे की सफाई शुरू की। बड़ी संख्या में कर्मचारी और सफाई वाहन लगाए गए ताकि क्षेत्र को जल्दी से साफ किया जा सके। इंदौर में हर साल रंग पंचमी पर निकलने वाली गेर के बाद नगर निगम द्वारा तुरंत सफाई अभियान चलाया जाता है, जिससे शहर की व्यवस्था जल्दी सामान्य हो सके।

