लोक अदालत मे 78 प्रकरणों का निराकरण
केके यदुवंशी
सिवनी मालवा।लोक अदालत की स्थापना करने के लिए सरकार का मुख्य उद्देश्य समाज मे आपसी भाई चारा और सामंजस्य की स्थापना करना है। लोक अदालत सरकार की मंशा पर खरी उतर कर कार्य कर रही है। उक्त बात साल की पहली आयोजित नेशनल लोक अदालत के उद्घाटन के अवसर पर जिला न्यायाधीश श्रीमती तबस्सुम खान ने कही।
न्यायाधीश श्रीमती खान ने कहा कि यह सप्ताह बहुत महत्वपूर्ण है। इसी सप्ताह मे अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस आयोजित हुआ है। और अब यह साल की पहली नेशनल लोक अदालत आयोजित हो रही है। हम सब मिलकर पिछले साल से अधिक मामलो मे राजीनामा कराकर इसे सफल बनाने का प्रयास करे।
न्यायालय मे चल रहे 5 साल से पुराने मामलो मे न्यायालय द्वारा उनका निराकरण माननीय उच्च न्यायालय की सूचीनुसार किया जा रहा है। जिसका बहुत अच्छा आशानुरूप प्रतिशत प्राप्त हुआ है। लोक अदालत की सफलता के लिए अधिवक्ताओं का विशेष सहयोग रहता है। जिनके द्वारा अपने पक्षकारों को समझाइस के बाद न्यायालय मे पक्षकारों के मध्य राजीनामा होने के बाद प्रकरण समाप्त किये जाते है।
उन्होंने प्रिलिटिगेशन मामलो के लिए उपस्थित विभागों के अधिकारियों से कहा कि ऐसे मामलो को न्यायालय मे आने से पहले ही समझाइस देकर निराकरण कराने का प्रयास करे। न्यायाधीश सरोज डेहरिया ने कहा कि लोक अदालत लोक हित के लिए आयोजित की जाती है। जिसमे पक्षकारो को अधिक से अधिक लाभ दिलाने का प्रयास अधिवक्ताओं और न्यायालय द्वारा पहुंचाया जाता है।
न्यायालय मे राजीनामा कर अपने प्रकरण समाप्त करने वाले पक्षकारों को पर्यावरण की सुरक्षा और संरक्षण के लिए न्यायाधीशो द्वारा पौधों का वितरण किया गया। इस अवसर पर अभिभाषक संघ अध्यक्ष हजारीलाल गुर्जर, एन एस यादव, विकास पाठक ने भी अपने विचार व्यक्त किये और लोक अदालत को सफल बनाने के प्रयास पर जोर दिया।
लोक अदालत मे नगरपालिका सीएमओ अमरसिंह उइके, नपाकर्मी और बेंको के कर्मचारी गण और न्यायालय कर्मी उपस्थित रहे।
पति पत्नी का 12 साल पुराना मामला हुआ समाप्त___
न्यायालय मे आयोजित साल की पहली लोक अदालत मे पति पत्नी के मध्य चल रहे 12 साल पुराने मामले तबस्सुम शाह विरुद्ध अब्दुल वहीद मे पति पत्नी अलग रह रहे थे। जिसमे अधिवक्ता अजीतसिंह राजपूत और विवेक शर्मा की समझाइस पर दोनो एक हो गये। दोनो ने आपसी राजीनामा लोक अदालत मे करके साथ रहने का निर्णय लिया। न्यायाधीश श्रीमती तबस्सुम खान ओर न्यायाधीश अंजली अग्रवाल ने दोनो पति पत्नी को पौधा भेंट कर सुख और सामंजस्य से रहने की कामना की।
तलाक ले रहे पति पत्नी साथ रहने को हुए राजी____
जिला न्यायाधीश श्रीमती तबस्सुम खान के न्यायालय मे पति पत्नी के बींच चल रहे तलाक के मामले पूजा विरुद्ध प्रताप सिंह के मामले मे अधिवक्ता राजेंद्र पचोरी और विनोद शर्मा की समझाइस पर दोनो साथ रहने पर राजी हो गये। समझौता उपरांत दोनो को न्यायाधीश श्रीमती खान मे प्रकरण समाप्त कर पौधा भेट कर सुखपूर्वक दोनो के साथ रहने की कामना की। न्यायालय में लंबे समय से चल रहे वैवाहिक प्रकरणों में 6 जोड़े आपसी समझौते से साथ रहने के लिये राजी हुये।
न्यायालय मे 78 प्रकरणों का हुआ निराकरण_____
नेशनल लोक अदालत के माध्यम से एक दिन में ही न्यायालय में लंबित कुल 78 प्रकरण का निराकरण हुआ जिसमें दांड़िक प्रकरण, सिविल प्रकरण, चेक बाउस, क्लेम आदि के प्रकरणों में कुल 01 करोड़ 40 लाख 2 हजार 8 सौ 84 रूपयें की राशि दिलाई गई।
इसके अलावा नगरपालिका के 113 प्रीलिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण हुआ जिसमें कुल 3 लाख 95 हजार 8 सो 26 रूपये राशि वसूली गई। कार्यालय तहसीलदार के 36 प्रकरण तथा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के 46 प्रकरणों का भी निराकरण किया गया।

