उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में खाचरोड शहर के 54 दुकानदारों को सर्वोच्च अदालत से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के उस फैसले पर रोक लगा दी है, जिसमें खाचरोड की 54 दुकानों को गिराने का आदेश दिया गया था। वहीं सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद खाचरोड के दुकानदारों को बड़ी राहत मिली है।
2015 में HC ने दिया था दुकानें तोड़ने का आदेश
पूरा मामला खाचरोड़ शहर में दशहरा मैदान की बाउंड्री के पास का है। मैदान की बाउंड्री के पास बनी 54 दुकानों को तोड़ने को लेकर हाई कोर्ट की इंदौर पीठ में जनहित याचिका दी गई थी। याचिका पर इंदौर पीठ ने साल 2014 में सुनवाई हुई थी। सुनवाई के बाद जिसके बाद हाईकोर्ट ने 20 अप्रैल 2015 को राज्य सरकार को 54 दुकानें तोड़ने का आदेश दिया था। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से 54 दुकानदारों को बड़ी राहत मिली है।
‘नियमों के तहत ही दुकानदारों को दी गईं दुकानें’
सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस एवी अंजारिया की बेंच ने गुरुवार को मामले की सुनवाई की थी। इस दौरान नगर पालिका परिषद की ओर से वकील इशित सहारिया ने दुकानदारों के समर्थन में दलील पेश की। इशित सहारिया ने दलील देते हुए कहा कि दुकानें नगर पालिका की जमीन पर ही बनी हैं और नियमों के मुताबिक ही दुकानदारों को दी गई हैं। ये अवैध नहीं है। इसके साथ ही इशित सहारिया ने सुप्रीम कोर्ट की बेंच के सामने एक नक्शा भी पेश किया। वहीं नगर पालिका परिषद के वकील इशित सहारिया की दलीलों को सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के दुकानों को तोड़ने के फैसले को रद्द कर दिया।

