मजहब की दिवार लाँघ की मोहब्बत: छतरपुर की दो चचेरी बहनों ने सात साल के इंतज़ार के बाद थामा हमसफ़र का हाथ
मकड़ाई एक्सप्रेस 24 छतरपुर। जिले के नौगांव से एक ऐसी दास्तां सामने आई है, जिसने सामाजिक और धार्मिक बेड़ियों को पीछे छोड़ दिया है। दो चचेरी बहनों, अलीना और शलीना ने अपने प्यार को मुकाम देने के लिए न केवल अपने धर्म को बदला, बल्कि अपने-अपने हिंदू प्रेमियों से विवाह कर एक नई शुरुआत की है।
गुमशुदगी से खुलासे तक का सफर
इस कहानी का मोड़ 9 फरवरी 2026 को आया, जब दोनों बहनें बैंक जाने का बहाना बनाकर घर से निकलीं और वापस नहीं लौटीं। परिजनों ने अनहोनी की आशंका में नौगांव थाने में अपहरण का मामला दर्ज कराया, जिसके बाद पुलिस और स्थानीय समाज में काफी हलचल रही। हालांकि, कुछ ही दिनों बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें युवतियों ने साफ किया कि वे सुरक्षित हैं और अपनी मर्जी से अपने प्रेमियों के साथ गई हैं।
गहरा प्रेम और बालिग होने का इंतज़ार
मिली जानकारी के अनुसार, अलीना और शलीना का अपने प्रेमियों—प्रशांत और हेमंत जोशी (जो आपस में चचेरे भाई हैं)—के साथ पिछले सात वर्षों से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों जोड़े लंबे समय से शादी करना चाहते थे, लेकिन वे कानूनी रूप से बालिग होने का इंतज़ार कर रहे थे। जैसे ही उनकी उम्र सीमा पूरी हुई, उन्होंने 20 फरवरी 2026 को नागपुर के एक आर्य समाज मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से विवाह कर लिया।
गवाह बने पुलिस के बयान और नए नाम
शादी के करीब एक महीने बाद, दोनों जोड़े सुरक्षा की मांग करते हुए नौगांव थाने पहुंचे। यहाँ उन्होंने पुलिस को अपने बालिग होने के दस्तावेज़ और विवाह के प्रमाण पत्र सौंपे। लड़कियों ने आधिकारिक रूप से अपने नाम बदल लिए हैं; शलीना अब ‘सानवी आर्या’ के नाम से जानी जाएंगी। उन्होंने पुलिस के सामने स्पष्ट बयान दिया कि उन पर किसी का दबाव नहीं है और वे अब अपने पतियों के साथ ही रहना चाहती हैं।
गंभीरता से जांच में जुटी स्थानीय पुलिस
नौगांव थाना प्रभारी (TI) चौबे के अनुसार, युवतियों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। पुलिस फिलहाल उनके शैक्षणिक प्रमाणपत्रों और आधार कार्ड की सत्यता की जांच कर रही है ताकि उम्र संबंधी किसी भी विवाद को सुलझाया जा सके। कानूनन बालिग होने के कारण, पुलिस उनके बयानों को प्राथमिकता दे रही है और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए स्थिति पर नज़र रख रही है।

