मकड़ाई एक्सप्रेस 24 इंदौर। जिले के महू (पातालपानी) क्षेत्र में एक युवती के साथ लंबे समय तक दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का मामला सामने आने के बाद भारी तनाव की स्थिति बनी हुई है। इस घटना के विरोध में स्थानीय ग्रामीणों और विभिन्न संगठनों ने उग्र प्रदर्शन किया, जिसके कारण क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।
नशीला इंजेक्शन देकर दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का आरोप
पीड़िता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, आरोपी डॉक्टर (सईद खान) ने करीब चार महीने पहले इलाज के दौरान उसे नशीला इंजेक्शन देकर बेहोश किया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता का आरोप है कि इस दौरान आरोपी ने उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें भी खींच ली थीं, जिनके आधार पर वह पिछले कई महीनों से उसे ब्लैकमेल कर रहा था।
रिसॉर्ट में पकड़ा गया आरोपी
रविवार को आरोपी ने युवती को पातालपानी स्थित एक रिसॉर्ट में बुलाया था। इसकी सूचना मिलने पर कुछ हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुँचे और आरोपी को युवती के साथ पकड़ लिया। आक्रोशित भीड़ ने आरोपी की पिटाई करने के बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया।
आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं
घटना की खबर फैलते ही देर शाम भारी संख्या में ग्रामीण और प्रदर्शनकारी आरोपी के आम्बाचंदन स्थित घर पहुँचे। आक्रोशित भीड़ ने वहां तोड़फोड़ की और घर में आग लगा दी। इसके बाद भीड़ ने गुजरखेड़ा स्थित आरोपी के क्लिनिक पर भी पथराव किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुँचकर उपद्रवियों को खदेड़ा और भारी पुलिस बल तैनात किया।
आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अन्य मांगों को लेकर ग्रामीणों ने किशनगंज रेलवे ओवरब्रिज पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ किया, जिससे इंदौर-महू मार्ग पर करीब एक किलोमीटर लंबा जाम लग गया। जाम के दौरान कुछ लोग पटरी पार कर निकलने की कोशिश कर रहे थे, जहाँ एक ट्रेन के आने से बड़ा हादसा होते-होते बचा।
पुलिस की कार्रवाई और ग्रामीणों का विरोध
पुलिस ने आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार करने के साथ ही, उसके घर में आग लगाने वाले उपद्रवियों के खिलाफ भी कार्रवाई की है। पुलिस ने आगजनी के मामले में 6 लोगों पर FIR दर्ज कर 3 को गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी से ग्रामीण और अधिक नाराज हो गए हैं। उनका कहना है कि पुलिस की कार्रवाई एकतरफा है और वे गिरफ्तार लोगों की तत्काल रिहाई की मांग कर रहे हैं।
प्रशासनिक अधिकारी लगातार ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं ताकि यातायात और शांति व्यवस्था बहाल की जा सके।

