हरदा : बाल विवाह मुक्त भारत अभियान: महात्मा गांधी हायर सेकेंडरी स्कूल में छात्रों को बताए गए बाल विवाह व बाल श्रम के दुष्परिणाम,,,,
हरदा। बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत आज महात्मा गांधी हायर सेकेंडरी स्कूल, हरदा में ऐसा जागरूकता कार्यक्रम हुआ जिसने छात्रों को सोचने पर मजबूर कर दिया। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी राजा रंगारे के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों को बताया गया कि समय से पहले शादी सिर्फ एक रस्म नहीं, बल्कि एक ज़िंदगी को अधूरा छोड़ देने जैसा अपराध है।
विभाग की दिव्या राजपूत ने बेहद सरल लेकिन प्रभावशाली शब्दों में समझाया कि बाल विवाह से लड़कियों की पढ़ाई छूट जाती है, स्वास्थ्य कमजोर होता है और उनका पूरा भविष्य अंधेरे में चला जाता है। कम उम्र में गर्भावस्था, घरेलू हिंसा, यौन रोग और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं उनके जीवन का हिस्सा बन जाती हैं, जिसका असर उनके बच्चों पर भी पड़ता है।
कार्यक्रम में बच्चों को यह भी बताया गया कि वे अकेले नहीं हैं। किसी भी परेशानी, शोषण या खतरे की स्थिति में वे चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर तुरंत मदद ले सकते हैं। साथ ही पॉक्सो एक्ट और बाल श्रम कानूनों की जानकारी देकर समझाया गया कि कानून बच्चों के साथ खड़ा है।
वक्ताओं ने कहा कि बाल मजदूरी भी उतनी ही खतरनाक है, क्योंकि यह बच्चों से उनका बचपन, शिक्षा और सपने छीन लेती है। मजदूरी में झोंके गए बच्चे शोषण, बीमारी और गरीबी के चक्र में फंस जाते हैं।
कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग के रविराज राजपूत, आशीष जोशी, शुभम धार्मिक, स्कूल प्राचार्य नरेंद्र शाह सहित शिक्षकगण उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर यह संदेश दिया कि बचपन पढ़ाई के लिए है, बोझ उठाने या जिम्मेदारियां ढोने के लिए नहीं।

