बजाज शोरूम संचालक का दावा उन्होंने शाकअप छुआ भी नहीं, फरियादी युवक को दाहिनी आंख व अन्य चोट लगी कैसे, फुटेज में चारो युवक सकुशल जाते दिख रहे, विधानी का दावा उनके विरुद्ध झूठी शिकायत की गई ! निष्पक्ष जांच की मांग
हरदा। विगत 18 फवरी को सुरजीत बजाज शो रूम पर चार युवकों द्वारा कर्मचारियों के साथ मारपीट गाली गलौच का एक वीडियो वायरल हुआ था। इस मामले ने बजाज वालों द्वारा एफआईआर दर्ज कराई गई थी। बाद में चार में से एक युवक अरुण कैथवास ने प्रफुल्ल शर्मा और सुरेश विधानी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की थी। फरियादी कैथवास ने एफआईआर में सुरेश विधानी पर शाकअप से चोट पहुंचाने का जिक्र एफआईआर में किया है। एफआईआर में घटना का समय 4.30 से 4.40 बताया गया है। मालूम हो, फरियादी कैथवास ने घटना के समय सिर्फ आकाश के साथ होने का जिक्र किया है। जबकि फुटेज में चार युवकों की बात शोरूम संचालक ने शिकायत में कही है।
इधर बजाज शोरूम में लगे 4 बजे से शाम 5 बजे तक के सीसीटीवी फुटेज जो संचालक सुरेश विधानी ने सम्बंधित पुलिस थाना के जांच अधिकारी को उपलब्ध कराए हैं। विधानी के अनुसार मैंने किसी प्रकार का कोई हमला नहीं किया है। बल्कि चारों युवकों द्वारा बाहर जाकर बनाये वीडियो में उनसे हाथ जोड़कर मामले को शान्त करने की बात करता हुआ दिखाई दे रहा हूँ।
विधानी के शोरूम के करीब 3 दर्जन से अधिक स्टाफ जिनमे करीब 12-13 लड़कियां भी हैं ने पुलिस को ज्ञान देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। सिंधी एवम पंजाबी समाज ने भी ज्ञापन देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
इस घटना के बाद से पुलिस की कार्यशैली, असामाजिक तत्त्वों के बढ़ते हौसले और व्यापारियों में रोष की चर्चा चल रही है।
देखना यह है कि पुलिस शोरूम संचालक द्वारा उपलब्ध फुटेज के आधार पर क्या विवेचना करती है। यदि शोरूम संचालक विधानी का दावा सही है तो उनके विरुद्ध झूठी शिकायत करने का मामला भी बन सकता है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि फुटेज के अनुसार शोरूम से बाहर जाते समय चारों युवकों में से किसी को भी चेहरे पर चोटिल होना नहीं देखा गया है। शोरूम संचालक के फुटेज दावे को मानें तो अब ये पुलिस जांच का विषय है कि आखिर ये चोट फरियादी को कब कहाँ और कैसे लगी । ये चोट किसके द्वारा पहुचाई गयी है। क्योंकि घटना का समय स्वयम फरियादी ने 4.30 से 4.40 के बीच एफआईआर में दर्ज करवाया है। और फरियादी कैथवास ने पुलिस को शिकायत 5.30 करना एफआईआर में बताया है। अब फरियादी की एमएलसी, लिकर टेस्ट आदि के लिए इन्हें सरकारी अस्पताल पुलिस ने कब भेजा, किस हथियार से चोट कारित की गई। क्या रिपोर्ट आई। ये सब अनुसंधान का विषय है।
इस मामले में प्रमाण के आधार पर यदि शोरूम संचालक दोषी हैं तो उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। और यदि अन्य पक्ष झूठी शिकायत का दोषी पाया जाता है तो उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
क्या है फरियादी कैथवास की दर्ज शिकायत –
12.First Information contents (प्रथम सूचना तथ्य ):
मैं थाना कोतवाली हरदा में होमगार्ड सैनिक के पद पर पदस्थ हूं कि आज दिनांक 18/02/2026 को थाना एचसीएम व्दारा एक अपराध क्र. 0/26 धारा 296(ए), 115(2),351(2), 3 (5) बीएनएस की डायरी घटना स्थल थाना सिविल लाईन हरदा का होने से असल कायमी कराने हेतु देकर भेजा है जो लाकर पेश करता हूं देहाती नालसी नकल शब्दशः शब्द निम्नानुसार है। देहाती नालसी थाना हरदा जिला हरदा अपराध क्र. 0/2026 धारा 296 (ए), 115(2), 351(2), 3(5) बीएनएस, नाम फरियादी अरूण कैथवास s/o अनिल कैथवास उम्र 27 साल नि. दूध डेयरी गली न 03 हरदा, नाम आरोपी प्रफुल शर्मा व सुरेश विधानी निवासी हरदा, घटना स्थल बजाज शोरूम इंदौर रोड हरदा थाना सि०ला० हरदा, घटना दिनांक समय 18/02/2026 के 16/30 बजे, कायमी दिनांक समय 18/02/2026 के 17/30 बजे, देहाती नालसी का स्थान जि.चि. हरदा, कायमीकर्ता प्रआर 51 हरप्रसाद पटेल थाना हरदा, विवरण मै दूध डेयरी गली न.03 हरदा रहता हूँ। रेल्वे में सुपर वायजर (प्राईवेट) का काम करता हूं। आज दिनांक 18/02/2026 को दोपहर करीबन 04 बजे मुझे प्रफुल्ल शर्मा ने मो.न. 6264568823 से मेरे नम्बर पर फोन करके मोटर सायकल सर्विसिगं हेतु बजाज शोरूम बुलाया तव मैं और आकाश करीबन शाम 04.30 बजे बजाज शोरूम गये और मेरी मोटर सायकल प्लेटिना की सर्विसिंग करा रहा था तभी मोटर सायकल में आयल डलवाने के रेट की बात को लेकर प्रफुल शर्मा मुझे मां बहन की गंदी गंदी गालीया देने लगा और मेरे साथ हाथ मुक्के से मारपीट करने लगा एवं सुरेश विधानी ने पास रखे गाडी के साकव से मुझे मारा जिससे मुझे चेहरे मे दायी आंख के नीचे, वांयी भुजा, सिर के पीछे मुंदी चोट व पीठ में चोट आई। आकाश ने मेरा बीच बचाव किया। प्रफुल व सुरेश जाते जाते कर रहे थे कि आज तो छोड दिया आईन्दा मिला तो जान से खत्म कर देगे। रिपोर्ट करता हू। कार्यवाही की जावे । हस्ताक्षर फरियादी अग्रेजी में अस्पष्ट, हस्ताक्षर कायमीकर्ता अग्रेंजी में अस्पष्ट

