युवा संसद में परिधि प्रथम, मेहरुन्निसा द्वितीय और पूर्वी रहीं तृतीय
हरदा : मेरा युवा भारत (माय भारत) हरदा द्वारा पी.एम. श्री कॉलेज स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय हरदा में ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2027’ के अंतर्गत युवा संसद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ रहा, जिस पर जिले भर के युवाओं ने संसदीय परंपराओं का पालन करते हुए राष्ट्रीय संवाद किया। प्रतिभागियों ने मुद्दों पर खुलकर संवाद किया और आंकड़ों के साथ अपनी बात रखी।
युवा संसद में युवाओं ने मंच पर दोतरफा और प्रखर वैचारिक तर्कों के साथ अपनी बेबाक राय रखी। किसी ने कहा कि ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ लागू होने से चुनावी और प्रशासनिक व्यस्तता में कमी आएगी, जिससे विकास कार्यों को गति मिल सकेगी। वहीं दूसरी ओर, लोकतंत्र को सशक्त बनाए रखने के लिए केवल चुनावी ढांचे में फेरबदल करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि शासन की जनता के प्रति जवाबदेही भी उतनी ही आवश्यक है।
निर्णायक मंडल ने प्रस्तुति और विषय की समझ के आधार पर विजेताओं का चयन किया। इसमें परिधि भाटी ने प्रथम, मेहरुन्निसा शाह ने द्वितीय तथा पूर्वी भाटी ने तृतीय स्थान हासिल किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेताओं को अतिथियों ने ट्रॉफी व प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। माय भारत की जिला युवा अधिकारी श्रद्धा मित्तल ने बताया कि ये तीनों विजेता अब भोपाल में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय चरण में हरदा जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे।
इस अवसर पर अतिथि के रूप में सहायक मंडल अभियंता धुजीराम मीणा, प्रशासनिक अधिकारी पीएम श्री कॉलेज बी.के. बिछोतिया, पॉलिटेक्निक कॉलेज की प्राचार्य अभिरुचि चौहान, आईटीआई के प्राचार्य राठौर, खेल प्रकोष्ठ के जिला संयोजक विक्रांत अग्रवाल, जिला महामंत्री बसंत सिंह राजपूत, समाजसेविका गीता पांडे, दीपक गौर टिमरनी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली परिधि भाटी ने कहा कि बार-बार होने वाले चुनावों के कारण देश हमेशा चुनावी मोड में उलझा रहता है। एक साथ चुनाव कराने से जनप्रतिनिधियों को नीतियां लागू करने और अपने वादे पूरे करने का पूरा समय मिलेगा। चुनावी प्रक्रिया विकास में बाधा नहीं बननी चाहिए। हमारा प्राथमिक ध्येय मूलभूत लोकतंत्र के साथ विकसित भारत का निर्माण होना चाहिए।
द्वितीय स्थान पर रहीं मेहरुन्निसा शाह ने कहा कि देश को केवल एक साथ चुनाव जैसी व्यवस्थाओं के बजाय अधिक पारदर्शी और जवाबदेह लोकतंत्र की आवश्यकता है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में विभिन्न क्षेत्रीय मुद्दों और विचारों को उचित स्थान मिलना अनिवार्य है। मात्र चुनाव प्रणाली बदलने से तंत्र मजबूत नहीं होगा, इसके लिए जनता की सक्रिय भागीदारी और सरकारों की जवाबदेही तय होना जरूरी है।
तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली पूर्वी भाटी ने कहा कि एक देश-एक चुनाव की अवधारणा से समय, राजस्व और मानव संसाधन की बड़े पैमाने पर बचत संभव है। प्रशासनिक मशीनरी बार-बार चुनावी ड्यूटी में व्यस्त रहने के बजाय जनहित व विकास कार्यों पर पूरी ऊर्जा लगा सकेगी।
संसाधनों का यह सदुपयोग विकसित भारत की नींव तैयार करेगा।इस अवसर पर मेरा युवा भारत हरदा के वालेंटियर राहुल देदड़, मयंक शर्मा, शुभम ढोके, कनक सोलंकी, लिषिका काले, गौतम बैरागी, राकेश पीपलोदे, सक्षम सोलंकी, राज पाराशर एवं बड़ी संख्या में युवा साथी उपस्थित रहे।

