मकड़ाई एक्सप्रेस 24 सेहत स्वास्थ। अक्सर हम स्वाद के चक्कर में उन चीजों को नजरअंदाज कर देते हैं जो हमारे शरीर के लिए ‘संजीवनी’ समान होती हैं। करेला (Bitter Gourd) उन्हीं में से एक है। आयुर्वेद में ‘करवेल्लक’ के नाम से प्रसिद्ध यह सब्जी केवल खाने की थाली का हिस्सा नहीं, बल्कि रोगों को जड़ से मिटाने वाली औषधि है।
विटामिन A, B, C और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर करेला आपके मेटाबॉलिज्म को सुधारने से लेकर गंभीर रोगों से लड़ने तक में सक्षम है। आइए जानते हैं, कैसे मात्र एक सप्ताह का नियमित सेवन आपके शरीर में जादुई बदलाव ला सकता है।
1. रक्त की शुद्धि और दमकती त्वचा
चेहरे पर बार-बार होने वाले कील-मुंहासे और एक्ने इस बात का संकेत हैं कि आपके रक्त में अशुद्धियाँ (toxins) जमा हो गई हैं। करेला एक नेचुरल ‘ब्लड प्यूरीफायर’ की तरह काम करता है। रोजाना सुबह खाली पेट करेले का जूस पीने से खून साफ होता है, जिससे त्वचा का रूखापन दूर होता है और प्राकृतिक निखार आता है।
2. आंतों की गहरी सफाई (Detoxification)
पाचन तंत्र में जमा गंदगी कई बीमारियों की जड़ होती है। जब मल पूरी तरह साफ नहीं होता, तो आंतों में हानिकारक बैक्टीरिया और कीड़े पनपने लगते हैं। करेले में मौजूद फाइबर और औषधीय गुण आंतों के कीड़ों को खत्म करते हैं और पाचन तंत्र को सुचारू बनाते हैं। इससे भूख बढ़ती है और शरीर को खाया-पिया लगने लगता है।
3. घावों को भरने में रामबाण
करेले का उपयोग केवल आंतरिक ही नहीं, बल्कि बाहरी रूप से भी किया जाता है। इसके एंटी-बैक्टीरियल गुण संक्रमण को रोकने में बेहद कारगर हैं।
पुराने घाव या त्वचा के संक्रमण पर करेले का लेप लगाने से सूजन कम होती है और घाव भरने की प्रक्रिया तेज हो जाती है।
4. माताओं के लिए स्वास्थ्य वर्धक
स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए करेला बहुत लाभकारी माना गया है। यह शरीर में दूध उत्पादन में सहायक हार्मोन्स को सक्रिय करने में मदद करता है।
चूंकि यह एक संवेदनशील अवस्था होती है, इसलिए इसके नियमित सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।
5. डायबिटीज नियंत्रण में सहायक
करेला अग्न्याशय (Pancreas) को उत्तेजित करता है, जिससे इंसुलिन का उत्पादन बेहतर होता है। यह ब्लड शुगर लेवल को प्राकृतिक रूप से कम करने में मदद करता है।
करेले के लिये विशेष टिप
कड़वाहट दूर करने का आसान तरीका
अगर आप इसके कड़वे स्वाद की वजह से इसे खाने से कतराते हैं, तो यह नुस्खा अपनाएं।करेले को काटकर उन पर हल्का नमक छिड़क दें। इसे 1-2 घंटे के लिए छोड़ दें। करेला अपना कड़वा पानी छोड़ देगा, जिसे धोकर आप सब्जी या जूस बना सकते हैं।
करेले का जूस बनाए जाने फायदे
करेले का जूस सुनने में भले ही कड़वा लगे, लेकिन अगर इसे सही सामग्री के साथ बनाया जाए, तो यह एक बेहतरीन डिटॉक्स ड्रिंक बन जाता है।
करेला-लेमन डिटॉक्स ड्रिंक (Detox Recipe)
यह जूस न केवल शरीर की गंदगी साफ करेगा, बल्कि इसके कड़वेपन को भी काफी हद तक कम कर देगा।
आवश्यक सामग्री (Ingredients):
करेला: 1 मध्यम आकार का (छिलका न उतारें, बस बीज निकाल लें)
नींबू का रस: 1 बड़ा चम्मच (विटामिन C और स्वाद के लिए)
अदरक: आधा इंच का टुकड़ा (पाचन के लिए बेहतरीन)
काला नमक: स्वादानुसार (कड़वाहट को काटने के लिए)
पुदीने की पत्तियां: 4-5 (ताजगी के लिए)
पानी: 1 गिलास
बनाने की विधि (Steps):
तैयारी: करेले को अच्छी तरह धोकर छोटे टुकड़ों में काट लें। अगर बीज पके (लाल) हों, तो उन्हें निकाल दें।
मिक्सर या ब्लेंडर में करेले के टुकड़े, अदरक, पुदीने की पत्तियां और आधा गिलास पानी डालें। इसे तब तक चलाएं जब तक यह पूरी तरह बारीक न हो जाए।अब इस मिश्रण को एक सूती कपड़े या बारीक छलनी से छान लें ताकि केवल शुद्ध जूस निकले।
फ्लेवर जोड़ें: छने हुए जूस में बचा हुआ पानी, नींबू का रस और काला नमक मिलाएं।
इसे तुरंत पिएं। इसे बनाकर रखने से इसके पोषक तत्व कम हो सकते हैं।
सेवन का सही समय और तरीका:
सबसे अच्छा समय: सुबह खाली पेट इसका सेवन सबसे अधिक प्रभावी होता है।इसे पीने के आधे घंटे बाद तक कुछ न खाएं।
इस जूस के फायदे:
इंसुलिन बूस्टर: यह नेचुरल तरीके से शुगर लेवल कंट्रोल करता है।
मेटाबॉलिज्म: वजन घटाने में मदद मिलती है।
लिवर डिटॉक्स: लिवर में जमा गंदगी को बाहर निकालता है।
सुझाव: अगर आपको कड़वाहट फिर भी ज्यादा लगे, तो आप इसमें आधा खीरा (Cucumber) भी मिला सकते हैं।
प्रकृति ने हमें करेले के रूप में एक ऐसा उपहार दिया है जो कड़वा जरूर है, लेकिन इसके परिणाम बहुत मीठे हैं। अगर आप भी स्वस्थ जीवनशैली की शुरुआत करना चाहते हैं, तो आज से ही इसे अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं।

