jhankar
ब्रेकिंग
हंडिया : हंडिया में स्वच्छता के नाम पर कार्रवाई, 50 से 250 रुपये जुर्माने से दुकानदारों में नाराजगी;... गणगौर लोक उत्सव में सामूहिक झालरिया देना लोक परंपरा, भक्ति और समरसता का अद्भुत संगम होता है – अशोक ग... हरदा : कलेक्टर ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की हरदा : महिला सशक्तिकरण अभियान के तहत विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर सम्पन्न अवैध लकड़ी कारखाने पर छापा मारकर सागौन की लकड़ी और मशीनें जब्त : मामले में वन विभाग जांच कर रही । ग्राम चौतलाए खड़ी फसल में आग, कई एकड़ फसल जलकर खाक हरदा : शासकीय शिक्षक संगठन ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौपा हरदा : जल स्रोतों के संरक्षण के लिये 19 मार्च से प्रारम्भ होगा जल गंगा संवर्धन अभियान उनकी बात - नियम विरूद्ध डीजे बजाने वालों की शिकायत करें हरदा: श्रीमती रेवा धर्मेंद्र पटेल अध्यक्ष जनपद पंचायत हरदा के द्वारा किसानों के हित में की बड़ी घोषण...

मुक्तिधाम पर चिता को मुखाग्नि देते ही आग के साथ उड़ने लगे नोट जानिए क्या मामला

हैरान कर देने वाली घटना एक युवक की मृत्यु के बाद उसे अंतिम संस्कार के लिए शमसान घाट ले जाया गया। जब अंतिम संस्कार के समय उसकी चिता को आग लगाई गई थोड़ी देर में चिता की आग से नोट निकलते दिखें देख लोग घबरा गए।

- Install Android App -

मकड़ाई एक्सप्रेस कोलकाता। पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। भारत.बांग्लादेश सीमा के पास बशीरहाट के घोजाडांगा इलाके के निवासी निमाई सरदार का पिछले रविवार को निधन हो गया। उसका कोई बेटा.बेटी नहीं है। इसलिए अंतिम संस्कार करने के लिए भतीजे पंचानन सरदार को बुलाया गया। मृत निमाई के शव को श्मशान ले जाकर भतीजे ने मुखाग्नि दी। युवक के अंतिम संस्कार में हैरान करने वाली घटना घट गई लोगो को बड़ा आश्चर्य हुआ की जलती चिता से रुपये उड़ने लगे। लोगो ने तुरंत ही चिता को बुझाया ओर युवक के परिजनों ने वहां से रुपये निकाल लिए। परिजनों ने बताया कि मृतक निमई एक वैन चालक था। उसने अपनी कमाई रुपये तकिए में छुपाकर रखता था। अब जब उसकी मोैत हो गई तो परिजनों उसके तकिए को भी चिता में साथ रख दिया था। अंतिम संस्कार में आग लगने के दौरान तकिए में आग लगी तो वहां रखे रुपये हवामें उड़ने लगे। चिंता के आस पास अधजले नोट गिरने लगे अचानक नोट की बारिश होते लोग घबरा गए फिर माजरा समझ चिता को बुझाकर रुपये  जलने से बचा लिया गया।दाह संस्कार के दौरान मृतक के ताबूत और तकिये को चिता पर रखा जाता है| जब गद्दा और तकिया आग में जल गया तो परिवार के लोगों को 500 रुपये के कई नोट दिखे. तभी तकिये के भीतर एक बैग नजर आता है. बैग को तुरंत आग से बचा लिया गया. बैग खोलने पर उसमें से 500 रुपए के नोटों की गड्डी निकली|