गर्भवती महिला सहित पूरे परिवार ने समाप्त की जीवनलीला
मकड़ाई एक्सप्रेस 24 तेंदूखेड़ा (दमोह)। मध्य प्रदेश के दमोह जिले के तेंदूखेड़ा अंतर्गत ग्राम अनवाही में गुरुवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक ही परिवार के तीन सदस्यों—पति, गर्भवती पत्नी और उनकी दो वर्षीय मासूम बेटी के शव घर के अंदर फांसी के फंदे से लटके मिले। इस सामूहिक आत्महत्या की खबर फैलते ही पूरे इलाके में मातम और दहशत का माहौल है।
खुशियों की जगह पसरा सन्नाटा
मृतक मनीष केवट (26) और उनकी पत्नी मनीषा (23) अपनी दो साल की बेटी आरोही के साथ गांव में रहते थे। बताया जा रहा है कि आज परिवार को बच्ची का मुंडन संस्कार कराने के लिए प्रसिद्ध तीर्थ स्थल बांदकपुर जाना था। सुबह जब काफी देर तक घर का दरवाजा नहीं खुला, तो मनीष की बहन गीता वहां पहुंची। अंदर का दृश्य देखकर उनकी चीख निकल गई—तीनों के शव फंदे से झूल रहे थे।
हृदयविदारक दृश्य: एक ही रस्सी पर पिता और बेटी
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, मनीषा ने साड़ी का फंदा बनाया था, जबकि मनीष और उसकी मासूम बेटी एक ही रस्सी के सहारे लटके हुए थे। स्थानीय महिलाओं ने यह भी जानकारी दी कि मृतका करीब 6-7 माह की गर्भवती थी, जिससे यह त्रासदी और भी अधिक मर्मस्पर्शी हो गई है।
क्या आर्थिक तंगी बनी मौत की वजह..?
हालांकि पुलिस अभी किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंची है, लेकिन परिजनों के बयानों से आर्थिक संकट की ओर इशारा मिल रहा है:
मकान का बकाया
मृतका की मां सुलेना केवट ने बताया कि दंपत्ति ने तीन साल पहले 2.5 लाख रुपये में एक मकान खरीदा था। वे 2 लाख रुपये चुका चुके थे, लेकिन बाकी के 50 हजार रुपये के लिए मकान मालिक दबाव बना रहा था।
यात्रा के लिए लिया था उधार
मृतक के जीजा नरेश केवट ने बताया कि बांदकपुर जाने के लिए मनीष के पास पर्याप्त पैसे नहीं थे, जिसके चलते उसने पैसे उधार भी लिए थे।
पुलिस जांच जारी
घटना की सूचना मिलते ही तेंदूखेड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। थाना प्रभारी आरआर बागरी ने बताया कि घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है। प्रारंभिक तौर पर मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही चल सकेगा।

