jhankar
ब्रेकिंग
सिराली /हरदा : एनएसएस स्वयंसेवको ने ग्राम संपर्क से ग्रामीणों को किया सम्पर्क हरदा : छिदगांव जिला हरदा में बांसकारी उत्सव - 2026 का आयोजन 26 फरवरी को हरदा : नेशनल लोक अदालत के संबंध में अधिवक्तागण के साथ बैठक सम्पन्न हरदा : खनिज के अवैध परिवहन में शामिल 2 डम्पर जप्त हरदा : विद्युत से सुरक्षा के लिये ग्रामीणजन सावधानियॉ जरूर बरतें हरदा : आपराधिक गतिविधियों में लिप्त युनुस उर्फ कट्टू पर रासुका की कार्रवाई हरदा : राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत कबड्डी प्रतियोगिता 26 फरवरी को इंदौर: बाणगंगा में महिला ने निजी आवास में घुसकर हंगामा मचाया और खुद को चाकू मार डाला हंडिया : आगामी 27 अप्रैल को तहसीलदार को सौंपा जाएगा प्राथना पत्र,गौ सम्मान आह्नान अभियान में अभिषेक ... Big news : एकतरफा प्रेम मे आशिक ने स्टेज पर जाकर दुल्हन को मारी गोली 

होलिका दहन, धूडेली, होली उत्सव और चल समारोह के लिए हुआ निर्णय

भोपाल। इस वर्ष तारीख दो की रात्रि को भद्रा के पुच्छकाल में होलिका दहन किया जाएगा। इस दिन पूरी रात्रि भर पूर्णिमा तिथि विद्यमान रहेगी। लेकिन 3 तारीख को होलिका दहन का प्रश्न ही नहीं उठाता धर्म सिंधु निर्णय सिंधु आदि ग्रंथों के अनुसार प्रतिपदा तिथि को होलिका दहन नहीं करना चाहिए चाहे भद्रा पुच्छ काल में होलिका दहन क्यों ना करनी पड़े।होलिका दहन का कर्म काल रात्रि कालीन होता है अतः 3 तारीख को रात्रि में पूर्णिमा तिथि नहीं रहेगी , ग्रहण का सूतक तथा ग्रहण की समाप्ति पश्चात रात्रि में प्रतिपदा तिथि आ जाएगी।

- Install Android App -

अतः होलिका दहन के कर्मकाल हेतु यह तिथि उपयुक्त नहीं है । ग्रहण रात्रि दूषित मानी जाती है जो होलिका दहन के लिए अशुभता देगी । यह जरूर है की 2 तारीख की रात्रि में होलिका दहन पश्चात धुलेंडी उत्सव प्रारंभ हो जाता है। परंतु इस वर्ष ग्रहण के सूतक काल की वजह से यह कार्य प्रभावित होगा, साथ ही होलिका दहन के दूसरे दिन होने वाला होली उत्सव,चल समारोह भी ग्रहण होने के कारण 4 तारीख को ही किया जाना चाहिए।

लगभग सभी पंचांगकर्ता एवं विद्वानों द्वारा यह जानकारी वेब संगोष्ठी कर प्रदान की गई।संगोष्ठी ज्योतिष मठ संस्थान द्वारा आयोजित की गई थी। संस्थान के संचालक ज्योतिषाचार्य पंडित विनोद गौतम ने बताया की वेब संगोष्ठी में होली का दहन एवं होली उत्सव को लेकर सभी पंचांगकरो एवं अनेक विद्वानों के तर्क वितर्क हुए एवं सर्वसम्मति से तारीख दो की रात्रि 2:00 बजे के बाद पुच्छकाल भाद्रा पश्चात पूरे भारत देश में होलिका दहन किया जाएगा। तथा पर्व उत्सव 4 तारीख को मनाया जाएगा अतः भ्रमित होने की आवश्यकता नहीं है ।