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धनखड़ के इस्तीफे के बाद राष्ट्रपति से मिले उपसभापति हरिवंश

नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफे के बाद राजधानी दिल्ली में सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच मंगलवार को राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की, जिससे कई तरह के राजनीतिक कयास लगाए जा रहे हैं।
मंगलवार को राष्ट्रपति भवन की ओर से एक तस्वीर जारी की गई जिसमें राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात करते नजर आए हैं। तस्वीर के साथ बतौर कैप्शन लिखा गया, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की।

नियमानुसार राज्यसभा में सभापति का पद खाली होने के बाद हरिवंश नारायण सिंह ने कार्यवाहक सभापति की जिम्मेदारी संभाल ली है। अब जब तक नए उपराष्ट्रपति का चुनाव नहीं हो जाता, वही सभापति की भी जिम्मेदारी निभाएंगे। इसके साथ ही हरिवंश को उपराष्ट्रपति पद के लिए भी मजबूत चेहरा माना जा रहा है। वो इसलिए भी क्योंकि वह जेडीयू की पृष्ठभूमि से आते हैं। इसके साथ ही उनके रिश्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार की सीएम नीतीश कुमार से अच्छे हैं। ऐसे में इस बात से इनकार भी नहीं किया जा सकता कि वे उपराष्ट्रपति पद के दामदार उम्मीदवार हो सकते हैं। बहरहाल नियम के अनुसार चुनाव आयोग कभी भी उपराष्ट्रपति चुनाव का नोटिफिकेशन जारी कर सकता है। अब यदि चुनाव होता भी है तो एनडीए की स्थिति मजबूत है। इस चुनाव में राज्यसभा और लोकसभा के सांसद मतदान करते हैं। दोनों सदनों में कुल 786 सदस्य हैं। इस स्थिति में जीत के लिए कम से कम 394 मतों की आवश्यकता होगी।

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राज्यसभा की कमान अब हरिवंश के हाथ
धनखड़ के इस्तीफे के साथ ही राज्यसभा के सभापति पद भी स्वत: रिक्त हो गया है, क्योंकि उपराष्ट्रपति पदेन सभापति होते हैं। ऐसे में अब राज्यसभा की कार्यवाही उपसभापति हरिवंश के नेतृत्व में चलेगी। राष्ट्रपति की ओर से किसी वरिष्ठ सदस्य को भी अस्थायी रूप से यह जिम्मेदारी दी जा सकती है।

सोमवार तक सक्रिय रहे धनखड़
ध्यान देने योग्य बात यह है कि इस्तीफे से ठीक पहले सोमवार को धनखड़ पूरे दिन संसद में सक्रिय रहे। उन्होंने विपक्ष को सदन को संवाद और विमर्श का मंच बनाने की नसीहत दी। दोपहर बाद जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव को लेकर स्थिति स्पष्ट की। जस्टिस शेखर यादव के खिलाफ महाभियोग नोटिस में एक सांसद के दोहरे दस्तखत पर जांच बैठाने की भी घोषणा की थी।

तबीयत बिगड़ने के मिलते रहे संकेत
हालांकि धनखड़ संसद में सक्रिय नजर आ रहे थे, लेकिन बीते कुछ महीनों से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे थे। मार्च में उन्हें एम्स में भर्ती कराना पड़ा था। जून में नैनीताल में कार्यक्रम के दौरान वे मंच पर बेहोश हो गए थे। जुलाई में एलजी वीके सक्सेना के साथ एक कार्यक्रम में भी उनकी तबीयत बिगड़ी, जहां पत्नी सुदेश ने उन्हें पानी पिलाया था। धनखड़ का इस्तीफा संसद के मानसून सत्र के पहले दिन आया, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई। अब जबकि उपसभापति हरिवंश ने राष्ट्रपति से मुलाकात की है तो यही कहा जा रहा है कि उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी मिलने वाली है।