jhankar
ब्रेकिंग
उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने पशुपतिनाथ मंदिर से जल गंगा जल संवर्धन अभियान की शुरुआत की एमपी में ट्रांसजेंडर को पहचान देने का नया नियम, अब जांच के बाद मिलेगा अधिकार भोपाल के केरवा-कलियासोत में 96 अवैध निर्माणों को किया जाएगा ध्वस्त आगर की रीना ने अपनाया ड्रोन तकनीक, आधुनिक खेती में महिलाओं का बढ़ता कदम चांदी 2.50 लाख से नीचे फिसली, सोना भी 1,084 रुपए लुढ़का फेड के ब्याज दर स्थिर रखने से शेयर बाजारों में भारी गिरावट विजयपुर से मल्होत्रा बने रहेंगे विधायक, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट का आदेश किया खारिज करांची में बारिश, आंधी-तूफान ने ली 19 लोगों की जान, कई घरों की छतें व दीवारें गिरी अमेरिकी बेड़े के सबसे शक्तिशाली युद्धपोत जेराल्ड आर फोर्ड में लगी भीषण आग ईरान ने तोड़ा अमेरिका का सुरक्षा कवच: रुबियों की छत के ऊपर दिखा ड्रोन

महाकाल मंदिर में लागू होगा ड्रेस कोड; अब पुजारी-पुरोहित भी एक ड्रेस में नजर आएंगे

उज्जैन। महाकालेश्वर मंदिर में अब कर्मचारियों के साथ-साथ पुजारी, पुरोहित और उनके प्रतिनिधि भी एक जैसी ड्रेस में नजर आएंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा, अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने यह अहम फैसला लिया है।

मंदिर समिति के अनुसार, अब मंदिर परिसर में सेवा देने वाले सभी अधिकृत लोगों चाहे वे कर्मचारी हों, पुजारी, पुरोहित या उनके सहायक हो सभी के लिए ड्रेस कोड और आईडी कार्ड अनिवार्य किया जाएगा। ड्यूटी के दौरान सभी को अपना आईडी कार्ड पहनना जरूरी होगा।

पहले नहीं था कोई ड्रेस कोड

- Install Android App -

वर्तमान में महाकाल मंदिर समिति में 16 रजिस्टर्ड पुजारी, 22 पुरोहित और 45 प्रतिनिधि हैं। अब तक इनके लिए कोई तय ड्रेस कोड नहीं था, लेकिन नई व्यवस्था के तहत सभी एक निर्धारित पोशाक में नजर आएंगे। इससे यह साफ रहेगा कि मंदिर में कौन अधिकृत है और कौन नहीं।

अनधिकृत प्रवेश पर लगेगी रोक

मंदिर समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि जिस तरह सुरक्षा कर्मी और कर्मचारी ड्रेस कोड में रहते हैं, उसी तरह अब पुजारी-पुरोहित भी ड्रेस कोड में होंगे। उन्होंने कहा कि कई बार अनधिकृत लोग पुजारी बनकर मंदिर परिसर में प्रवेश कर जाते हैं, जिससे व्यवस्था और सुरक्षा प्रभावित होती है। इस नई व्यवस्था से ऐसी स्थिति पर रोक लगेगी और मंदिर की गरिमा बनी रहेगी। मंदिर समिति का मानना है कि ड्रेस कोड और आईडी सिस्टम से व्यवस्था में सुधार होगा और श्रद्धालुओं को भी बेहतर सुविधा मिल सकेगी।