मकड़ाई एक्सप्रेस 24 उप्र। प्रदेश के गाजियाबाद (टीला मोड़ थाना क्षेत्र) की हाईराइज सोसाइटी ‘भारत सिटी’ में मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात एक ऐसा खौफनाक मंजर देखने को मिला जिसने सबको झकझोर दिया। तीन सगी बहनों विंशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12) ने नौवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली।
घटना का घटनाक्रम: आधी रात को मची चीख-पुकार
पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना रात के लगभग 2:00 से 2:30 बजे के बीच की है। टावर B-1 के फ्लैट नंबर 904 में रहने वाले इस परिवार की तीनों बेटियां अपने कमरे में थीं। जब सोसाइटी के गार्ड ने किसी के गिरने की भारी आवाज सुनी, तो वह मौके पर दौड़ा। वहां तीनों बहनें खून से लथपथ पड़ी थीं। परिजनों को तुरंत सूचना दी गई, लेकिन अस्पताल ले जाते समय तीनों ने दम तोड़ दिया।
विवाद की जड़: ‘कोरियन लव गेम’ और मोबाइल की लत
जांच में यह बात सामने आई है कि तीनों बहनें लंबे समय से एक विशेष टास्क-बेस्ड कोरियन गेम की आदी थीं।गेम के प्रति दीवानगी इस कदर थी कि उन्होंने पिछले कुछ समय से स्कूल जाना तक बंद कर दिया था।
माता-पिता से टकराव
घटना वाली रात, माता-पिता ने उन्हें मोबाइल पर गेम खेलते हुए देख लिया था और काफी डांट लगाई थी। परिजनों ने उनसे मोबाइल फोन छीन लिया था, जिससे तीनों बहनें गहरे तनाव और गुस्से में आ गई थीं।
पुलिस की पड़ताल और बरामद साक्ष्य
डीसीपी और एसीपी स्तर के अधिकारियों ने मौके का मुआयना किया है। जांच के दौरान कुछ महत्वपूर्ण बिंदु सामने आए हैं।
सुसाइड नोट की तलाश
पुलिस को कमरे से कुछ डायरियां और हस्तलिखित नोट्स मिले हैं, जिनमें गेमिंग टास्क और मानसिक परेशानी का जिक्र होने का अंदेशा है।
डिजिटल फॉरेंसिक: लड़कियों के मोबाइल फोन और लैपटॉप को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है ताकि उस ‘कोरियन गेम’ के सर्वर और टास्क की प्रकृति का पता लगाया जा सके। कमरे की स्थिति देखने पर पुलिस को कमरे की खिड़की खुली मिली, जहाँ से तीनों ने बारी-बारी से छलांग लगाई।
समाज के लिए एक चेतावनी
यह मामला ‘ब्लू व्हेल’ और ”मोमो चैलेंज’ जैसे खतरनाक गेम्स की याद दिलाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ये टास्क-बेस्ड गेम्स बच्चों के दिमाग पर साइकोलॉजिकल दबाव डालते हैं, जिससे वे वास्तविकता और आभासी दुनिया (Virtual World) में फर्क करना भूल जाते हैं।
यदि आपके आसपास कोई बच्चा गुमसुम रहता है या डिजिटल गेमिंग का अत्यधिक शौकीन है, तो उससे संवाद करें और आवश्यकता पड़ने पर पेशेवर काउंसलर की मदद लें।

