हरदा: बड़झिरी भीषण अग्नि कांड: 8 आदिवासी परिवारों के आशियाने जलकर हुए राख, तन पर पहने हुए कपड़े बचे ! आसपास के गांव के लोगों ने दिखाई मानवता मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया !!

हरदा। शनिवार को हरदा जिले के टिमरनी विधानसभा क्षेत्र के बड़झिरी गांव में उस समय अफरा तफरी मच गई। जब शॉर्ट शर्किट से आग लगी देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप ले

लिया कि इसकी चपेट में आने से 8 आदिवासी परिवारों के घर कुछ ही घंटों में राख का ढेर बन गए।
गांव के सोमा नंदराम के मकान में सबसे पहले आग लगी उसके बाद आसपास के मकानों में आग की लपटे उठने लगी। उसके बाद आग के गोले सड़क के सामने स्थित मकानों में पहुंची।
इस आग में मवेशी , ट्रैक्टर, सिलाई मशीन, आटा चक्की एक दुकान जिसमें किराना सामग्री रखी थी। सब कुछ जलकर खाक हो गया। आग से मकान के में बंधे एक बैल, तीन बकरी एक बकरा भी जलकर खत्म हो गए।
पांच बकरियों को धधकती आग से बचा लिया गया।
◆ पीड़ित परिवारों का दर्द !! –
■ विधवा महिला बोली
अब जिंदगी कैसे कटेगी सबकुछ गया –

इस अग्निकांड में एक परिवार की विधवा महिला सुंदर बाई बेवा देवकरण ने मकड़ाई एक्सप्रेस को बताया कि सास ससुर की मौत हो गई। मेरे पति भी नहीं रहे।
एक बेटा दो बेटियां है।हम मजदूरी करते है। मैं मिर्ची तोड़ने गई थी। बेटा महेंद्र गांव में मूंग में पानी देने के लिए मजदूरी पर गया था। घर पर आकर देखा तो कुछ भी नहीं बचा। आग में मकान और सारा सामान जल कर राख हो गए।
वैसे ही जिंदगी में पहले से मुश्किलें थीं, अब आग में सब जलने से सिर पर आया बोझ कैसे हटेगा, अब जिंदगी कैसे कटेगी। कैसे मकान बनेगा ? कुछ समझ नहीं आ रहा।
■ मकान के साथ नया ट्रैक्टर जल गया दो किस्त बाकी है। कैसे भरूंगा बैंक का पैसा –
मकड़ाई एक्सप्रेस से चर्चा में पीड़ित किसान
सोमा नंदराम ने बताया कि हम खेत में काम कर रहे थे। सबसे पहले मेरे मकान में ही आग लगी थी। आग में गृहस्थी का सामान अनाज कपड़े जल गए कुछ नहीं बचा। बेटे ने फाइनेंस करवाकर ट्रैक्टर लिया था। अभी उसकी दो तीन किस्त बाकी है। वो पैसा कैसे जमा करूंगा।
पीड़ित ने प्रशासन से शीघ्र सहायता राशि की मांग और ट्रैक्टर की किस्त माफ करने की मांग की है।
■ गांव के प्रत्यदर्शी युवा सत्यनारायण भुसारे ने बताया कि

दोपहर साढ़े तीन बजे आग लगी। तेज हवाओं के कारण आग तेजी से बढ़ती रही। आग की लपटों बहुत ऊंची थी।
इस हादसे में 8 मकान जलकर राख हो गए।
उन्होंने कहा कि चार टैंकरों से आग बुझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद आग बुझी।
उन्होंने शासन प्रशासन से मांग की है कि सभी पीड़ित परिवारों के वैकल्पिक रहने की व्यवस्था, खाद्यान्न की व्यवस्था और गृहस्थी के सामान के लिए प्रशासन तत्काल सहायता करे।
उन्होंने कहा कि विधायक अभिजीत शाह ने 16 हजार रुपए की तत्काल मदद की। टिमरनी एसडीओपी आकांक्षा तलैया, मकड़ाई एक्सप्रेस ने भी अपनी ओर से मदद की है।
फारेस्ट विभाग ने आज राशन की व्यवस्था करवाई है।
आसपास के जयश के कार्यकर्ताओं ने मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया, गांव के लोग भी कर रहे मदद।
बोवदा गांव के युवाओं ने 8 क्विंटल गेहूं ट्रैक्टर में भरकर लेकर आए ग्राम मगरया के युवाओं ने मोटरसाइकल से 4 क्विंटल गेहूं लेकर आए उन्होंने प्रत्येक परिवार को एक एक क्विंटल गेहूं वितरित किए।
युवाओं ने कहा कि दुख की इस घड़ी में हम सभी लोग मदद करेंगे।
युवाओं से उनके बारे में पूछने पर उन्होंने जयश के कार्यकर्ता होना बताया।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष और विधायक अभिजीत शाह रात को पीड़ित परिवार जनों से मिलने पहुंचे
आग की घटना की सूचना मिलते ही। विधायक अभिजीत शाह, कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहन साईं सहित अन्य कार्यकर्ता गांव पहुंचे। जहा पीड़ित परिवारों से मिलकर उनको हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
अभिजीत शाह ने मौके पर ही 16 हजार रु देने के साथ ही प्रति परिवार दस हजार रुपए देने की घोषणा की।
■ ये है पीड़ित परिवार –
1 नंदराम पिता पटेल
2 राधेलाल पटेल
3 सोमा नंदराम ट्रैक्टर
4 सुक्खू छन्नू
5 सुंदर बाई बेवा देवकरण
6 लखन शोभू
7 मांगीलाल शोभू
8 घासीराम रामलाल

