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इंदौर का भागीरथपुरा बना मेडिकल मिस्ट्री, मौतों का रहस्य बरकरार

इंदौर। देश भर में चर्चा का विषय बन चुका भागीरथपुरा कांड अब एक मेडिकल मिस्ट्री बनकर उभर रहा है।  यहां दूषित पानी पीने से प्रशासनिक आंकड़ों के मुताबिक 6 लोगों की मौत हो चुकी है।  वहीं स्थानीय जनता और कांग्रेस नेता कई लोगों की मौत का दावा कर रहे है।  इन मौतों की मुख्य वजह क्या है अभी स्पष्ट नहीं हो सका है, कयास लगाया जा रहा है कि दूषित पानी पीने की वजह से लोगों की तबीयत बिगड़ी है।  वहीं केंद्र सरकार की आईसीएमआर, एम्स कोलकाता, एम्स भोपाल सहित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बैक्टीरियोलॉजी व अन्य एजेंसियां भागीरथपुरा में सघन सर्वे कर मौतों का कारण जानने में जुटी हुई हैं।

मरने वालों का बढ़ा आंकड़ा

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रविवार 4 नवंबर को इंदौर के बॉम्बे हॉस्पिटल में भर्ती एक अन्य मरीज की मौत हो गई है।  इनका नाम ओमप्रकाश शर्मा (69) है और ये रिटायर्ड पुलिसकर्मी है।  2 दिन पहले जिन 10 गंभीर मरीजों को अलग-अलग निजी अस्पतालों से स्थिति बिगड़ने पर बॉम्बे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था।  उनमें से एक ओमप्रकाश शर्मा थे।  इनकी मौत किडनी फेल होने से बताई जा रही है।  वे भागीरथपुरा में रहने वाले अपने बेटे से मिलने आए थे, उन्हें 1 जनवरी को उल्टी-दस्त के बाद अस्पताल में भर्ती किया गया था।  किडनी खराब होने के चलते उन्हें आईसीयू और फिर वेंटिलेटर पर रखा गया, लेकिन रविवार दोपहर 1 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया।  परिजनों का आरोप है कि दूषित पानी ने उनकी किडनी खराब कर दी।

कई मरीज लड़ रहे जिंदगी का जंग

ऐसा आरोप है कि बॉम्बे हॉस्पिटल में अब भी 7 मरीज आईसीयू में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।  जिनमें से 4 अभी भी वेंटिलेटर पर हैं।  शहर के 27 अस्पतालों में अब तक कुल 398 मरीज भर्ती किए जा चुके हैं, जिनमें से 256 को डिस्चार्ज कर दिया गया है।  बाकी 149 मरीजों का इलाज अभी भी अलग-अलग अस्पतालों में जारी है. कलेक्टर शिवम वर्मा के मुताबिक रविवार को ओपीडी में 65 मरीज दिखाने आए थे, जिनमें से 15 लोगों को भर्ती करना पड़ा है।  उन्होंने बताया अभी भी 14 मरीज आईसीयू में हैं, जिनमें से कुछ लोगों की स्थिति गंभीर बनी हुई है।  चाचा नेहरू अस्पताल में 14 बच्चे भी भर्ती हैं। “