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श्रेय की राजनीति न करे कमल पटेल, सेवा की राजनीति करे:- विधायक डॉ. दोगने

हरदा :- हरदा विधायक डॉ. रामकिशोर दोगने ने पत्रकारवार्ता आयोजित कर बताया गया कि पूर्व कृषि मंत्री व वर्तमान सांसद प्रतिनिधि कमल पटेल द्वार खिरकिया व चारूवां के लोगो अपने निवास पर दिनांक 10/04/2026 को मुगल सिंचाई परियोजना का लाभ दिलाने के लिए बुलाया गया था परन्तु मुगल सिंचाई परियोजना की बात करने के स्थान पर मोरंड गंजाल सिंचाई परियोजना की बात करने लगे व उसका श्रेय लेने लगे। इस हेतु मेरा आप पर आरोप है कि आप श्रेय की राजनीति करना बंद करे और सेवा व विकास की राजनीति करे।

कमल पटेल जब कृषि मंत्री थे तब उनके द्वारा कोई विकास कार्य नही कराये गए यदि कोई विकास कार्य कराये गए है तो वह स्पष्ट करे और वर्तमान में मेरे कार्यकाल में होने वाले विकास कार्यों का श्रेय लेना व झूठ की राजनिति करना छोड़ दे।

विधायक डॉ. दोगने द्वारा बताया कि बहुप्रतीक्षित मोरंड गंजाल सिंचाई परियोजना क्षेत्र के किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण एवं जीवनदायिनी योजना है, जिसे कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में स्वीकृति मिली, लेकिन भाजपा सरकार की उदासीनता के कारण आज तक यह योजना धरातल पर नहीं उतर सकी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत नर्मदापुरम जिले की सिवनी तहसील के 08 गांव, हरदा जिले की 04 तहसीलों के 144 गांव एवं खंण्डवा जिले के हरसूद तहसील के 49 गांव शामिल हैं। कुल मिलाकर लगभग 201 ग्रामों की 64,111 हेक्टेयर (लगभग 1.60 लाख एकड़) भूमि को सिंचाई सुविधा प्रदान करने का लक्ष्य है। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 3500 करोड़ रुपये है।

विधायक डॉ. दोगने ने कहा कि मोरंड गंजाल सिंचाई परियोजना को कांग्रेस की कमलनाथ कांग्रेस सरकार द्वारा स्वीकृत किया गया था। उक्त योजना के क्रियांव्यन हेतु 2200 करोड़ का अनुबंध आंध्रप्रदेश की नवयुवा कम्पनी को दिनांक 06/02/2020 को निर्माण हेतु अनुबंध निष्पादित किया गया था। यह निर्णय किसानों के हित में एक ऐतिहासिक पहल थी, जिससे क्षेत्र में सिंचाई क्रांति आने की उम्मीद जगी थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद प्रदेश में भाजपा सरकार बनने पर इस महत्वपूर्ण योजना की अनदेखी की गई। गौर करने वाली बात यह है कि कमल पटेल लगभग 3.5 वर्ष तक प्रदेश के कृषि मंत्री रहे परन्तु वे न तो उक्त योजना का कार्यालय हरदा में स्थापित कर पाए और न ही कार्य प्रारंभ करा पाए क्योंकि उनका ध्यान हरदा के विकास पर नही स्वयं के विकास पर था। उन्होंने पद पर रहते हुए न तो इस परियोजना को गति देने के लिए कोई ठोस प्रयास किए और न ही इसका कार्य प्रारंभ करवा सके और जब जनता ने कमल पटेल को 2023 के विधानसभा में नकार दिया तो मेरे विधायकीय कार्यकाल में हो रहे विकास कार्यों को अपना बताकर क्षेत्र की जनता को गुमराह करने के लिए झूठी बयानबाजी व फर्जी भूमि पूजन कर रहे है। यदि कमल पटेल द्वारा मोरंड गंजाल सिंचाई परियोजना व शहीद ईलाप सिंह सिंचाई परियोजना के संबंध में अपने कार्यकाल के दौरान कोई पत्र या विधानसभा में प्रश्न लगाये गए तो उसे सार्वजनिक करे। मेरे द्वारा विधानसभा में उक्त योजनाओं के संबंध में लगाये गए प्रश्नों को मेने सार्वजनिक किया है और म.प्र. के मुख्यमंत्री जब-जब हरदा दौरे पर आए तब सार्वजनिक रूप से उक्त योजनाओं का कार्य अतिशीघ्र शुरू करने की मांग की गई।

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गंजाल मोरंड सिंचाई परियोजना काफी पुरानी है कमल पटेल 30 वर्ष तक मंत्री व विधायक रहे परन्तु उक्त योजना को शुरू नहीं करा सके परंतु मेरे द्वारा उक्त योजना के लिए मेरे पिछले विधायकीय कार्यकाल के दौरान प्रयास किए गए थे और जब कांग्रेस की सरकार बनी तक म.प्र. के तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ जी से मोरंड गंजाल परियोजना को शुरू कराये जाने की मांग की गई तक कांग्रेस की कमलनाथ सरकार द्वारा उक्त योजना को स्वीकृति प्रदान की गई। कमल पटेल कहते है कि सारे विकास कार्य उनके द्वारा कराये जा रहे है तो मैं और पूरा क्षेत्र भगवान से प्रार्थना करता है कि यदि कमल पअेल के हारने के बाद क्षेत्र में विकास कार्य होते है तो कमल पटेल हमेशा हारते रहे जिससे क्षेत्र का विकास होता रहेगा।

 

विधायक डॉ. दोगने ने बताया कि गंजाल सिंचाई परियोजना का कार्य पर्यावरण विभाग से एन.ओ.सी. लंबित होने के कारण कार्य प्रारंभ नहीं हो पाया था परन्तु दिसम्बर 2025 में पर्यावरण विभाग द्वारा एन.ओ.सी. दे दी गई है। जिसके लिए मेरे द्वारा मुख्यमंत्री से मांग की गई थी और संबंधित विभाग के अधिकारियों पर भी कार्य को जल्दी करने के लिए दबाव बनाया गया था।

उन्होंने कहा कि विधायक बनने के पश्चात उन्होंने इस मुद्दे को लगातार विधानसभा में प्रमुखता से उठाया और संबंधित विभागों पर दबाव बनाकर कार्य शीघ्र प्रारंभ कराने की दिशा में प्रयास किए। उनके प्रयासों से विधानसभा के शीतकालीन सत्र 2024-25 में 10 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकृत कराई गई तथा बजट सत्र 2025-26 में 254 करोड़ रुपये की राशि भी स्वीकृत हुई है।

डॉ. दोगने ने आगे कहा कि यह भी उल्लेखनीय है कि प्रदेश के कृषि मंत्री रहे कमल पटेल की उदासिनता एवं निष्क्रियता के कारण योजना के क्रियान्वयन में विलंब के कारण क्षेत्र के किसानों को प्रत्यक्ष रूप से नुकसान उठाना पड़ रहा है। सिंचाई सुविधा के अभाव में कृषि उत्पादन प्रभावित हो रहा है, जिससे किसानों की आय पर भी विपरीत प्रभाव पड़ा है। यह मोरंड गंजाल परियोजना काफी पुरानी है यदि कमल पटेल द्वारा किसानों के हित में उक्त योजना को स्वीकृत कराया जाकर समय पर पूर्ण कराया जाता, तो क्षेत्र के किसानों व फसल विविधीकरण, दोहरी फसल प्रणाली एवं कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलता और क्षेत्र का विकास होता। मोरंड गंजाल परियोजना केवल एक सिंचाई योजना नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के समग्र आर्थिक एवं सामाजिक विकास का आधार है। मेरे द्वारा इस परियोजना के संबंध में लगातार उच्च स्तर पर प्रयास किये जा रहे हैं और संबंधित विभागों एवं अधिकारियों के साथ सतत संवाद भी किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मोरंड गंजाल सिंचाई परियोजना का कार्य तेजी से प्रारंभ कराया जाएगा। उन्होंने क्षेत्र की जनता को आश्वस्त किया कि किसानों के हित में इस परियोजना को धरातल पर उतारना उनकी सर्वाेच्च प्राथमिकता है और इसके लिए वे निरंतर संघर्षरत रहेंगे।

मैं कमल पटेल से पूछना चाहता हँू कि आप हरदा विधानसभा से 25 साल विधायक रहे व चार बार मंत्री पद पर रहते हुए हरदा के विकास के लिए कोई कार्य नहीं किया गया सिर्फ झूठे आश्वासन और झूठी घोषणाएं की गई। मैं कमल पटेल जी से यह प्रश्न करता हूं कि आपने अपने कार्यकाल के दौरान हरदा एवं खिरकिया में ओवरब्रिज, खिरकिया में शासकीय कॉलेज, लॉ कॉलेज, कृषि महाविद्यालय क्यों नहीं बनवा पाए एवं गांगला से हंडिया, हंडिया से गुल्लास, नांदरा से गोयत, मोरगड़ी से अंजरुद्ध माल सड़क मार्ग, कुकड़ा पानी डेम व सुल्तानपुर में औद्योगिक क्षेत्र क्यों स्थापित नही करवा पाये। आपके कार्यकाल में हरदा जिले में निर्माणाधीन फोरलेन सड़क मार्ग का निर्माण कार्य भी 01 साल देरी उपरांत शुरू हुआ। इनके अलावा भी बहुत से ऐसे सड़क मार्ग व पुल/पुलिया हैं जो काफी समय से स्वीकृत है परंतु आज तक उनका कार्य आपने क्यों शुरू नहीं करवाया। कमल पटेल के द्वारा क्षेत्र में कोई विकास कार्य नहीं किया गया। इन्हें सिर्फ विकास कार्यों का झूठा श्रेय लेना आता है। इसलिए जनता द्वारा उन्हें 2023 विधानसभा चुनाव में नकार दिया गया और अब यह मेरे कार्यकाल में हो रहे विकास कार्यों को अपना बताकर झूठा श्रेय लेना चाहते है।

अंत में उन्होंने कहा कि मोरंड गंजाल सिंचाई परियोजना हरदा एवं आसपास के क्षेत्रों के किसानों के लिए एक नई आशा की किरण है, जो आने वाले समय में क्षेत्र को कृषि के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।