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MP News : सप्ताह में एक दिन “नो बैग डे” रहेगा, विद्यार्थियों के बैग का वजन का भी रखना होगा ध्यान

निजी और सरकारी सभी स्कूलों पर जिला शिक्षा अधिकारी रहेगी नजर –

सभी स्कूलों में पहली कक्षा से 10वी तक के विद्यार्थियों के बैग का वजन 02 किलो 200 ग्राम से 4.5 किलो तक ही रहेगा…

मकड़ाई एक्सप्रेस 24 दमोह : प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग ने नई पालिसी को लागू करने की कवायद शुरु कर दी है। इसमें सबसे पहला काम तो कक्षा पहली से 12 तक की कक्षाओं में सप्ताह मेें एक दिन नो बैग डे रखा जायेगा।इस दिन घर से विद्यार्थी बैग नही लायेगा। यह व्यवस्था सभी सरकारी और निजी स्कूलों में लागू होगी। दूसरी बात पहली और दूसरी कक्षाओं के बच्चों को होमवर्क नही दिया जायेगा। पहली कक्षा के बच्चो के स्कूल बैग का वजन अधिकतम 2 किलो 200 ग्राम तक होगा और 10वी कक्षा के विद्यार्थियों के बैग का वजन अधिकतम साढ़े 4 किलों होगा।

बच्चो के बैग के वजन को कम करने ज्यादा रुचि –

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लोक शिक्षण संचनालय ने स्कूल के बच्चो के बैग के वजन को कम करने ज्यादा रुचि दिखाई हैं, और कार्यवाही के लिए सख्ती भी । निर्देशानुसार पहली से दूसरी कक्षा के छात्रो की अभ्यास पुस्तिका, वर्कबुक अन्य सामग्री स्कूल में ही रखी जायेगी। यह पालिसी विभाग ने 2020 में लागू की थी जिसका अब पालन कठोरता से किया जायेगा। पालिसी के मुताबिक ही बस्ते का वजन हो यह देखने और नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपी गई है, वे प्रत्येक तीन माह में विद्यार्थियों के बस्ते की रैंडम जांच करेंगे। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित विद्यालय प्रबंधनों के विरुद्ध ठोस कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए है।

कम्प्यूटर, नैतिक शिक्षा, सामान्य ज्ञान, खेल और कला की कक्षाएं बगैर पुस्तकों के ही लगाई जाएं –

पालिसी के तहत पहली के विद्यार्थी के बस्ते का बोझ 1.6 से 2.2 किलोग्राम और 10वीं के विद्यार्थियों के बस्ते का बोझ 2.5 से 4.5 किलोग्राम से अधिक नहीं रखा जा सकेगा। कक्षा तीसरी से पांचवी के विद्यार्थियों को प्रति हफ्ते दो घंटे, छठवीं से आठवीं के विद्यार्थियों को प्रतिदिन एक घंटे और नौवीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को प्रतिदिन दो घंटे का होमवर्क दिया जाएगा। विद्यालय को नोटिस बोर्ड पर बस्ते के बोझ का पार्ट प्रदर्शित करना होगा। कम्प्यूटर, नैतिक शिक्षा ,सामान्य ज्ञान, स्वास्थ्य, शारीरिक शिक्षा, खेल और कला की कक्षाओं में पुस्तकें लाना अनिवार्य नहीं होगा। विभाग ने साफ कहा है कि यह कक्षाएं बगैर पुस्तकों के ही लगाई जाएं।

हरदा : अजनास रैयत अजब पंचायत गजब के काम, भूतपूर्व सरपंच पति बना हुआ है। परमानेंट वेंडर, प्रतिमाह 15 से 25 हजार रुपया मिलती है। सैलरी, शीर्षक पढ़कर हैरान मत होइए लेकिन ये सच है !