आयरलैंड। आयरलैंड में बच्चों को मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव से बचाने के लिए “नो फोन कोड” सख्ती के साथ लागू किया गया है। इस पहल के तहत 12 साल से कम उम्र के बच्चों को स्मार्टफोन न देने की अपील की गई है। कई स्कूलों और अभिभावक समूहों ने मिलकर यह निर्णय लिया है, ताकि बच्चों का बचपन स्क्रीन की बजाय खेल मैदान में बीते।
रिपोर्ट्स के अनुसार, देश के हजारों अभिभावकों ने इस अभियान का समर्थन किया है। उनका मानना है कि कम उम्र में मोबाइल मिलने से बच्चों की पढ़ाई, मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक व्यवहार पर नकारात्मक असर पड़ता है। विशेषज्ञ भी चेतावनी देते हैं कि अत्यधिक स्क्रीन टाइम से बच्चों में एकाग्रता की कमी, नींद की समस्या और अकेलेपन की भावना बढ़ सकती है।
“नो फोन कोड” के तहत अभिभावक आपसी सहमति से तय करते हैं कि वे अपने बच्चों को एक निश्चित उम्र से पहले स्मार्टफोन नहीं देंगे। इससे बच्चों पर अनावश्यक दबाव भी कम होता है, क्योंकि जब सभी के पास फोन नहीं होगा तो किसी एक बच्चे को अलग महसूस नहीं होगा।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों को फिर से खेल मैदान, किताबों और रचनात्मक गतिविधियों की ओर लौटाना है। अभिभावकों का कहना है कि वे चाहते हैं कि उनके बच्चे डिजिटल दुनिया में खोने के बजाय दोस्तों के साथ समय बिताएं, खेलें और वास्तविक अनुभवों से सीखें। आयरलैंड की यह पहल अब अन्य देशों के लिए भी एक उदाहरण बनती जा रही है।

