इंदौर: भागीरथपुरा के पीड़ितों के बीच पहुंचे राहुल गांधी; अपनों को खोने वाले परिवारों को सौंपे सहायता चेक
मकड़ाई एक्सप्रेस 24इंदौर।मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से हुई मौतों और बीमारी के बाद, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार को पीड़ितों का हाल जानने पहुंचे। उन्होंने न केवल शोक संतप्त परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी, बल्कि आर्थिक सहायता के रूप में मृतकों के परिजनों को एक-एक लाख रुपये के चेक भी सौंपे।
अस्पताल में मरीजों से मुलाकात और ढांढस
राहुल गांधी अपने दौरे की शुरुआत में सबसे पहले बॉम्बे अस्पताल पहुंचे। यहाँ उन्होंने दूषित जल कांड के कारण भर्ती मरीजों से करीब 15 मिनट तक चर्चा की और उनके उपचार के बारे में जानकारी ली। उनके साथ दिग्विजय सिंह, कमलनाथ, जीतू पटवारी और उमंग सिंघार जैसे दिग्गज कांग्रेस नेता भी मौजूद रहे।
भागीरथपुरा की संकरी गलियों में ‘न्याय’ की पुकार
अस्पताल के बाद राहुल गांधी भागीरथपुरा की तंग बस्तियों में पहुंचे। सुरक्षा एजेंसियों ने संकरी गलियों के कारण सुरक्षा संबंधी चिंताएं जताई थीं, लेकिन राहुल गांधी ने पैदल चलकर पीड़ितों के घर जाने का निर्णय लिया। उन्होंने मृतक गीता बाई और जीवन माली के परिजनों से मुलाकात की। जीवन माली की भाभी कमला बाई से बात करते हुए राहुल भावुक नजर आए और उनका हालचाल पूछा।
कांग्रेस का आरोप: पीड़ित परिवारों को ‘गायब’ कर रही सरकार
इस दौरे के दौरान राजनीतिक पारा भी गरमाया रहा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि प्रशासन और सत्ताधारी दल के दबाव में कुछ पीड़ित परिवारों को इलाके से हटाया गया है ताकि वे राहुल गांधी से न मिल सकें। कांग्रेस ने दावा किया कि 6 महीने के मासूम अव्यान का परिवार, जिससे राहुल मिलना चाहते थे, घर पर ताला लगाकर चला गया है।
दूषित जल कांड: एक नजर में
दूषित पानी के कारण भागीरथपुरा में 3,300 से अधिक लोग बीमार हुए।स्थानीय निवासियों और कांग्रेस का दावा है कि 24 लोगों की मौत हुई है, जबकि सरकारी रिपोर्ट में यह संख्या कम बताई गई है। पुराने पाइपलाइनों और सीवेज लाइनों के आपस में मिलने (क्रॉस-कंटामिनेशन) को इस त्रासदी का मुख्य कारण माना जा रहा है।
आगे की रणनीति
इंदौर एयरपोर्ट पर राहुल गांधी को कांग्रेस द्वारा गठित जांच कमेटी की विस्तृत रिपोर्ट सौंपी गई। कांग्रेस ने घोषणा की है कि इस मुद्दे पर 17 से 31 जनवरी तक पूरे प्रदेश में चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। राहुल गांधी के इस दौरे ने इंदौर में जल प्रबंधन और सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

