कथा वाचिका अनन्या शर्मा नेअपना जन्मदिन बुजुर्गों के बीच मनाया
➡️✍️✍️ के के यदुवंशी, पत्रकार
सिवनी मालवा। शहर की सुप्रसिद्ध कथा वाचक अनन्या शर्मा ने अपना जन्मदिन सादगी और सेवा भाव के साथ बुजुर्गों के बीच मनाकर समाज को प्रेरणादायक संदेश दिया। उन्होंने अपने जन्मदिवस को केवल व्यक्तिगत उत्सव न बनाते हुए उसे सेवा दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया
और शहर के वृद्ध आश्रमों में पहुंचकर बुजुर्गों के साथ समय बिताया और उनके साथ जन्मदिन मनाया कथा वाचिका अनन्या शर्मा ने गरीब बस्तियों में पहुंचकर वहां रहने वाली महिलाओं को साड़ी का वितरण किया गया
वृद्ध आश्रम में बुजुर्गों के साथ आत्मीय संवाद कर उनकी आवश्यकताओं और हालचाल की जानकारी ली वही शहर के आसपास रहने वाले गरीब और जरूरतमंद लोगों को भोजन कराया इस अवसर पर कथा वाचिका अनन्या शर्मा ने कहा कि कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक मदद पहुंचाना ही किसी भी उत्सव की सार्थकता है।
बुजुर्गों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके साथ भजन कीर्तन किया गया उन्होंने पूरे उत्साह और स्नेह के साथ जन्मदिन मनाया आश्रम का माहौल उल्लासपूर्ण बन गया कथा वाचिका अनन्या शर्मा ने कहा आज समाज में वृद्ध आश्रमों की संख्या बढ़ना हम सभी के लिए आत्ममंथन का विषय है।
जब परिवार अपने बुजुर्गों को समय, सम्मान और अपनापन नहीं दे पाते, तब उन्हें मजबूरी में आश्रम का सहारा लेना पड़ता है। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग हमारी जड़ हैं, उनके अनुभव और आशीर्वाद के बिना समाज मजबूत नहीं हो सकता। यदि हर परिवार यह संकल्प ले कि अपने माता-पिता और बुजुर्गों को बोझ नहीं, बल्कि अपनी जिम्मेदारी और गौरव माने, तो वृद्ध आश्रमों की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।
समाज में जिस तरह बुजुर्गों की उपेक्षा हो रही है, वह चिंताजनक है। इसी सोच के साथ उन्होंने बुजुर्गों के बीच जन्मदिन मनाने का निर्णय लिया। वहीं बुजुर्गों ने भी भावुक होकर कहा कि जब कोई अपने खुशी के पल उनके साथ साझा करता है तो उनके चेहरे पर अलग ही खुशी दिखाई देती है और समाज के अच्छे लोगों की वजह से ही उनका जीवन सम्मान के साथ चल पा रहा है।

