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अति प्राचीन शिव मंदिर देवलफलिया में तुलसी पूजन भजन कीर्तन व भंडारे का हुआ भव्य आयोजन

योगेश चौहान मकड़ाई समाचार राणापुर। राणापुर नगर से 12 किलोमिटर की दुरी पर स्थित है अति प्राचीन शिव मंदिर देवलफलिया जहा आज एक विशाल भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया है अयोजन में सर्वप्रथम भजन कीर्तन का आयोजन दोपहर 11 बजे शुरू हुआ जो की दोपहर एक बजे तक चला जिसमे कई प्रकार की संस्कारी बातो का अवलोकन किया गया साथ ही तुलसी माता का महत्व बताया गया।

तुलसी पूजन का महत्व व तुलसी हमारे जीवन में कितनी उपयोगी है यह पूज्य संत श्री आशारामजी आश्रम राणापुर की साधिका बहन द्वारा बताया गया।
तुलसी का पौधा हिन्दू धर्म के प्रत्येक घरों में लगाया जाता है तुलसी की रोजाना सुबह शाम पूजन होती हे व तुलसी के पत्तो को चाय में डालकर उसका उपयोग किया जाता है। साथ ही तुलसी का महत्त्व आयुर्वेद में भी काफी हे इस बात का महत्व विज्ञान ने भी माना हे तुलसी हमारे जीवन में काफी लाभदायक हे तुलसी का पौधा हर घर होना चाहिए। अगर नही हे तो आप राणापुर आश्रम से तुलसी का पौधा लेजाकर हर घर लगाए आदि बात भजन कीर्तन के माध्यम से कही साथ ही उन्होंने बताया राणापुर तहसील के कुल 60 से 70 गावों में अभी तक इस पूरे माह में तुलसी पूजन कार्यक्रम संपन्न हुए हे व तुलसी पूजन कार्यक्रम के लिए भक्त जनों का जनसैलाब उमड़ा है।

तुलसी पूजन कार्यक्रम 3 बजे हुआ प्रारंभ

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उसके पश्चात शाम तीन बजे तुलसी पूजन कार्यक्रम का आयोजन शुरू हुआ जिसमे विधी विधान से तुलसी पूजन किया गया। तुलसी पूजन कार्यक्रम पूज्य संत श्री आशारामजी आश्रम की साधिका बहनों द्वारा विधि अनुसार कार्यक्रम को सम्पन्न करवाया गया सर्वप्रथम आयोजन में सम्मिलित सभी भक्तो ने मंदिर के समीप स्थित गो मुख से निकलते हुए नर्मदा शुद्ध जल से हाथ पैर धोए उसके पश्चात सभी ने एक एक एकत्रित गोल घेरा बनाया जहा बीच में तुलसी का पौधा रखा गया। एक पूजन थाल तैयार की गई जिसमे दीप व पुजन सामग्री एकत्रित कर रखी गई फिर तुलसी पूजन विधि अनुसार तुलसी मां के पौधे को तिलक लगाकर नमन कर दीप प्रज्ज्वलित किया व तुलसी परिक्रमा की उसके बाद सभी भक्तो द्वारा तुलसी माता की आरती की गई व तुलसी पूजन कार्यकर्म का आरती के बाद समापन किया।

विशाल भंडारे का हुआ आयोजन

तुलसी माता पूजन के पश्चात मंदिर प्रांगण में विशाल भंडारे का आयोजन किया। भंडारे का आयोजन देवलफलियाँ के ग्रामीण भक्त जनों ने किया। भंडारे में दाल चावल व मीठी प्रसादी वितरण की सभी भक्तो ने भंडारे में प्रसादी ग्रहण की उसके पश्चात कार्यक्रम का समापन हुआ।

समस्त आयोजन पूज्य संत श्री आशारामजी बापू आश्रम राणापुर की साधिका बहनों द्वारा संचालित किया गया व सभी हिन्दू भक्तो से इस विशाल आयोजन को सफलता मिली जिसमे लगभग 1000 भक्त जन शामिल हुए । जिन्होंने तुलसी पूजन कार्यक्रम में भाग लिया।