jhankar
ब्रेकिंग
शराब दुकान पर मिलावट वीडियो के बाद हड़कंप, आबकारी विभाग दो दिन से कर रहा जांच 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों के आधार कार्ड बनवाएं आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम के तहत विभिन्न गतिविधियों का हुआ आयोजन अनुसूचित जाति जनजाति संगठनों के कार्यकर्ताओं ने बाबा साहेब की मूर्ति लगाने के लिए एसडीएम को सौंपा ज्... प्रवासी मजदूर के दिव्यांग बच्चे को मिली निःशुल्क ट्राईसिकल खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने जलाराम किराना से लिया सोयाबीन ऑयल का नमूना खुशियों की दास्तां : पीएमएफएमई योजना से आत्मनिर्भर बने खिरकिया के युवा उद्यमी देवेश मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत 4 अक्टूबर को मगरधा में लगेगा शिविर 2 अक्टूबर को कृषि उपज मण्डी में नीलामी कार्य बंद रहेगा आज का सुविचार - MakdaiExpress24

अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे पंचायत एवं ग्रामीण विकास के अधिकारी/कर्मचारी, सीईओ के माध्यम से ज्ञापन देकर 17 संगठनों ने रखी अपनी मांगे

मकड़ाई समाचार टिमरनी। मध्यप्रदेश पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 17 संगठन के कर्मचारी अधिकारी गुरुवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गए। हड़ताल शुरू जनपद पंचायत परिसर में की गई ब्लॉक सह मीडिया प्रभारी मुकेश लोवंशी ने धरना स्थल पर बैठे सभी संयुक्त मोर्चा के सदस्य एवं कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त मोर्चा ने अपनी मांगों को मनवाने के लिए सरकार को योग के माध्यम से ज्ञापन देकर आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। संयुक्त मोर्चा के ब्लॉक अध्यक्ष अनिकेत राज ने बताया कि मध्यप्रदेश पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग राज्य शासन विभाग का एक बहुत बड़ा हमला है जिसके अंतर्गत ग्राम पंचायत से लेकर संचालनालय के संवर्ग तक लगभग 17000 कर्मचारी अधिकारी सम्मिलित है जिसमें कहीं एल्बम वेतन एवं कई कर्मचारी अपनी सेवाओं की असुरक्षा से चिंतित होकर शासन प्रशासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुए केंद्र और राज्य सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के चलाए जा रहे अभियान और योजनाओं को 18 घंटे तक सेवा देकर अपनी जान की परवाह किए बिना कोविड-19 अभियान को पूरा करने की पूरी निष्ठा के साथ कार्य कर रहे। तीन-चार वर्षों से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त मोर्चा के अंतर्गत सम्मिलित हुए घटक संगठनों के समस्त प्रदेश अध्यक्ष व्यक्तिगत रूप से सरकार का ध्यान अपनी अत्यंत गंभीर समस्या एवं सरकार की ओर आकर्षित कराते हुए लेकिन किसी भी कर्मचारी संवर्ग की मांगों पर कोई निराकरण नहीं किया गया मोर्चे द्वारा प्रस्तुत की जा रही है मांगे ऐसी है जिसमें सरकार को कोई आर्थिक भार सहन नहीं करना पड़ेगा। फिर भी इसके बाद सरकार द्वारा हमारी मांगों पर कोई कार्यवाही नहीं करते हुए हमको धरने पर बैठने को मजबूर किया है।

- Install Android App -

उपाध्यक्ष रामकृष्ण तिलोरा ने बताया कि 12 जुलाई को संयुक्त मोर्चे के 17 संगठनों ने कलेक्टर जिला पंचायत सीईओ एसडीएम महोदय को मुख्यमंत्री एवं पंचायत मंत्री महोदय एवं प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को ज्ञापन सौंपकर मांगों को निराकरण करने के लिए सामूहिक रूप से निवेदन किया था लेकिन मांगों का निराकरण नहीं होने की दशा में सरकार द्वारा कोई पहल नहीं करने के कारण संयुक्त मोर्चा द्वारा संयुक्त अनिश्चितकालीन कलम बनान दोलन का रास्ता अपनाना पड़ा मोर्चा और मोर्चे का संगठन सरकार सहानुभूति पूर्वक मांगों का निराकरण करने के लिए प्रतिबद्ध है तो संगठन भी सरकार के साथ प्रतिबद्ध है मध्यप्रदेश एवं पंचायत अधिकारी संयुक्त मोर्चा द्वारा सम्मिलित सभी संगठनों के निराकरण हेतु अपनी बातें रखी है।

यह है संगठन शामिल

– ग्राम रोजगार सहायक एवं संविदा कर्मचारी
– पंचायत सचिव संगठन
– मनरेगा कर्मचारी संगठन
– मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन कर्मचारी संघ
– मुख्य कार्यपालन अधिकारी संघ
– मध्य प्रदेश कंप्यूटर ऑपरेटर महासंघ
– अभियंता संघ
– जिला एवं जनपद कर्मचारी संघ
– मध्यप्रदेश पंचायत समन्वयक अधिकारी संघ
– प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत डाटा ऑपरेटर संघ
– सोशल ऑडिट स्टाफ वेलफेयर एसोसिएशन
– सहायक विस्तार अधिकारी संघ
– स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण संघ
– प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण संघ
– मध्यान भोजन ग्रामीण संघ
– डीआरडी संघ
– वाटर शेड संविदा अधिकारी कर्मचारी संघ