jhankar
ब्रेकिंग
आज का पंचांग - 28 जून 2026, रविवार हरदा उद्योग विभाग की साढ़े तीन एकड़ भूमि हुई गुम ! कलेक्टर हरदा से ढूंढने की लगाई गुहार! 14 साल में भी... नर्मदापुरम एसपी ने थाना प्रभारी सुधाकर बारस्कर को दिया जन्मदिन का अनूठा तोहफा, 'बधाई-पत्र' भेजकर दी ... श्री अन्न बाजरा को बढ़ावा देने हेतु कुकड़ापानी में कृषक प्रक्षेत्र परीक्षण आयोजित हरदा : न्यायालय परिसर, हरदा में साफ-सफाई कार्यक्रम आयोजित छिंदवाड़ा में बैंक लूट की कोशिश नाकाम, पुलिस ने एक आरोपी दबोचा हंडिया : हीरापुर में स्व. संतोष व्यास की तेरहवीं पर समाजिक एकता का संदेश, लाइन प्रथा समाप्त करने का ... हरदा : पिछले 24 घंटों में जिले में 17.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज सिराली : खेत में मजदूरी कर रहे दंपति की टपरी के बाहर महिला का शव मिला, शरीर पर मिले चोट के निशान हंडिया: 20 वर्षीय युवती ने अज्ञात कारणों से खाया जहरीला पदार्थ, चार दिनों तक जिंदगी मौत के बीच अस्पत...

अब पता चल जाएगा कब मरने वाला है इंसान… इस टेस्ट के जरिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस करेगा मौत की भविष्यवाणी

Death Prediction Test : नॉटिंघम यूनिवर्सिटी ने डेथ प्रिडिक्शन पर बड़ी कामयाबी हासिल की है। नॉटिंघम यूनिवर्सिटी ने हाल ही में डेथ प्रिडिक्शन पर एक रिसर्च की। इस रिपोर्ट के मुताबिक इंसान कब मरने वाला है, इसे पता किया जा सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए पता लग सकेगा कि किसकी मौत लगभग कब होने वाली है।

नॉटिंघम यूनिवर्सिटी ने डेथ प्रिडिक्शन को लेकर ब्रिटेन में 40 से 69 साल की उम्र वाले लगभग 1,000 लोगों पर एक रिसर्च की। ये लोग डायबिटीज या ब्लड प्रेशर जैसी समस्याओं से पीड़ित थे। रिसर्च में इन लोगों की हेल्थ पर बड़ी बारीकी से नजर रखी गई। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से ये समझने की कोशिश की गई कि कब इन लोगों की तबियत बिगड़ती है या कब इनकी मौत हुई।

प्रीमैच्योर डेथ पर काम करेगा टेस्ट

- Install Android App -

इस रिसर्च से जुडे़ वैज्ञानिकों का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से इंसान की मौत का पता लगाया जा सकता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि खास परिस्थितियों में मौत का ट्रेंड समझ आ सके तो डॉक्टर उन मरीजों की बजाए, जिनकी मौत करीब है, उन पर ध्यान दे सकेंगे, जिनके जीने की संभावना ज्यादा है। हालांकि ये सिर्फ प्रीमैच्योर डेथ पर काम करेगा, नेचुरल डेथ के बारे में कुछ पता नहीं लगेगा।

डेथ प्रिडिक्शन टेस्ट में क्या होगा?

वैज्ञानिकों के मुताबिक डेथ प्रिडिक्शन टेस्ट एक तरह का ब्लड टेस्ट की तरह ही होगा। एक्सपर्ट इसमें कुछ अलग बायोमार्कर देखकर तय कर सकेंगे कि मरीज की मौत अगले दो से पांच सालों के भीतर होगी या नहीं। हालांकि वैज्ञानिकों ने साफ किया कि ये स्टडी फिलहाल अपनी शुरुआती स्टेज में है, इसलिए पक्की तौर पर कुछ कहा नहीं जा सकता कि इसके दावे कितने सही हैं।