निष्पक्ष न्याय व्यवस्था किसी पद ओहदे कोे नही देखती है। ऐसा ही एक मामलें सीबीआई कोर्ट ने असिस्टेंट कमिश्नर,,इंनकम टैक्स आफिसर औेर सीए कोे रिश्वत मामले में 3 साल की सजा सुनाईं ।
मकड़ाई समाचार इंदौर । मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित स्पेशल सीबीआई कोर्ट के न्यायाधीश सुधीर कुमार मिश्रा ने इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के असिस्टेंट कमिश्नर पंकज गुप्ता, इनकम टैक्स ऑफिसर अजय वीरे और चार्टर्ड अकाउंटेंट एसएस मूंदड़ा को 9 लाख की रिश्वत के मामले में 3-3 साल जेल की सजा सुना दी है। यह मामला 20 फरवरी 2008 का है। जब असिस्टेंट कमिश्नर पंकज गुप्ता के घर पर छापामार कार्यवाही की गई थी। और उन्हें 9 लाख रुपए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था।
न्यायालय में बताया गया कि चार्टर्ड अकाउंटेंट एसएस मूंदड़ा के माध्यम से एक पैकेजिंग इकाई के संचालक से रिश्वत ली जा रही थी।साथ ही धमकी दी गई थी कि यदि रिश्वत नहीं मिली तो इनकम टैक्स ऑफिसर अजय वीरे, कारोबारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर देंगे। सीबीआई ने अपनी इन्वेस्टिगेशन में पाया कि इनकम टैक्स ऑफिसर, असिस्टेंट कमिश्नर और चार्टर्ड अकाउंटेंट तीनों एक गिरोह के रूप में काम कर रहे थे।
कोर्ट में सीबीआई द्वारा प्रस्तुत की गई चार्जशीट और प्रमाण सही पाए गए। न्यायाधीश सुधीर कुमार मिश्रा ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आयकर विभाग के दोनों अधिकारियों और उनके साथ शामिल चार्टर्ड अकाउंटेंट को 3-3 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

