टीएचआर एवं रेडी टू ईट पोषण आहार का किया जा रहा वितरण
हरदा। कोरोना वायरस संक्रमण के संकटकाल से उभरने हेतु शासन के कई विभागों के द्वारा विभिन्न प्रकार से बचाव हेतु कार्य किये जा रहे है। महिला एवं बाल विकास विभाग की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताएं व सहायिकाएं भी इसमें महत्त्वपूर्ण भूमिका भी निभा रही हैं। इसी कतार में बाल विकास परियोजना खिरकिया की परियोजना अधिकारी श्रीमती वंदनबाला सिंह व सेक्टर चारूवा की पर्यवेक्षक श्रीमती उर्मिला चौहान द्वारा निर्देशों का पालन करते हुये आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को कुशल मार्गदर्शन दिया जा रहा है। इस कार्य को परियोजना खिरकिया के अंतर्गत आने वाली आंगनवाड़ी केन्द्र हरिपुरा माल की कार्यकर्ता श्रीमती ममता सोनी व सहायिका सीमा सल्लाम द्वारा अपने कर्तव्य को पूर्ण निष्ठा के साथ किया जा रहा है। इनके द्वारा कई जनहित कार्य भी किये जा रहे है।
आंगनवाड़ी केन्द्र हरिपुरा माल की कार्यकर्ता श्रीमती ममता सोनी व सहायिका सीमा सल्लाम द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग के बारे में सभी को अवगत कराया जा रहा है। आंगनवाड़ी केन्द्र के सभी हितग्राहियों के साथ ही अन्य जरूरतमंद व्यक्तियों को पूरक पोषण आहार एवं रेडी टू ईट पोषण आहार घर-घर जाकर वितरण करइसका लाभ दिया जा रहा है। इसके अलावा अपने क्षेत्र चारूवा में लगने वाले मेले में बाहर से आये हुए लोग जो लाॅक डाउन की वजह से गाँव में फंस गए थे उन्हें भी इनके पोषण आहार वितरित कर मदद की गई। इनके द्वारा खांसी- बुखार होने पर ग्राम वासियों को अपनी जल्द से जल्द स्वास्थ्य जाँच करवाने के लिये जागरूक किया जा रहा है। साथ ही ग्राम में किसी अन्य व्यक्ति के बाहर से आने की सूचना की जानकारी देने के लिये भी बोला जा रहा है। अपने कार्य क्षेत्र में स्वयं के द्वारा बनाये गये मास्क का भी वितरण किया जा रहा है, घर से बाहर निकलते समय दिये गये मास्क का उपयोग आवश्यक रूप से करने तथा लाॅकडाउन के समय बिना अति आवश्यक कार्य के लिये घर से बाहर न निकलने तथा घर पर ही रहने की समझाईश दी जा रही है। गर्मी के दिनों में पक्षियों के लिये भी दाना-पानी की व्यवस्था आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका के द्वारा की जा रही है। कोरोना महामारी के दौर में अपने आसपास सफाई रखने, साबुन द्वारा अपने हाथ को बार-बार धोने तथा शासन द्वारा दिये गये निर्देशों का पालन करने हेतु सभी को जागरूक किया जा रहा है।
कोरोना महामारी से जहाँ पूरा विश्व जूझ रहा है, और लोगों में इस बीमारी का भय बड़ता जा रहा है। ऐसे समय में वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन प्राप्त कर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए अपने कर्तव्यों के निर्वहन के साथ-साथ समाज सेवा के कार्यो को पूर्ण निष्ठा के साथ किया जा रहा है।

