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उठते सवाल ? तात्कालीन कलेक्टर ने जारी किया आदेश आखिर क्यों भूल गए एसडीएम साहब,

कलेक्टर महोदय पुराने आदेशो को भी देखे, ओर भूल गए अधिकारियों को स्मरण पत्र लिखे

मकड़ाई समाचार हरदा। अक्सर देखा है विवादित अधिकारी कर्मचारियों के पास न जाने ऐसी कौन सी मोहनी है। जो बड़े बड़े अधिकारियों को भी मोह लेती है। हरदा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कार्यालय में पदस्थ एक बाबू के पास न जाने कौन सी जादू की छड़ी है। जो जिस अधिकारी पर घुमा दे वह उनका दीवाना हो जाता है। ऐसा ही कुछ हुआ है। एक आदेश में वैसे तो उक्त महाशय की शिकवे शिकायत बहुत बार हुई लेकिन पेसो का पावर और ऊंची पहुँच परख के कारण कोई भी उनको हटा नही पाया। उल्टा उनके रास्ते जो आये वो आज परेशान है। चाहे व किसान हो या मजदूर हो कुछ शिकायते तो आज भी विचाराधीन है। हरदा अनुविभागीय कार्यालय में पदस्थ एक बाबू संदीप शर्मा जिनको तत्कालीन कलेक्टर एस विश्वनाथ द्वारा दिनांक 11 मार्च को कलेक्टर कार्यालय हरदा द्वारा पत्र क्रमांक 2906स्थापना/2020 जारी हुआ था। पत्र में स्पष्ठ साफ शब्दों में लिखा था कि कार्यालयीन कार्य व्यवस्था को दृष्टिगत रखते हुए राजस्व स्थापना अंतर्गत सदीप शर्मा सहायक ग्रेड 3 को अनुविभागीय अधिकारी हरदा मुख्या कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत हरदा में तत्काल सलग्न करे। यह आदेश तत्काल प्रभवशील होगा।

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उक्त आदेश को दो माह बीतने को है लेकिन आदेश का पालन आज दिनांक तक नही हुआ। एक अन्य आदेश भी था जो 28 फरवरी को जारी हुआ था। उक्त आदेश में तहसीलदार, नायब तहसीलदार को तहसील स्तर पर अलग अलग पदस्थ किया गया। वह आदेश भी नवागत कलेक्टर अनुराग वर्मा के द्वारा फॉलो किया गया।

विवादों से गहरा नाता बाबू का

पूर्व में ऐसी कई शिकायतें इनकी हुई लेकिन अधिकारियों की मेहरबानी के चलते कोई कार्यवाही नही हुई।
एक महिला पटवारी ने भी इन पर कई गंभीर आरोप लगा चुकी है। वह भी जांच में है। इनके चर्चे पूरे विभाग को पता है।   फर्जी नामांतरण में, बजरी से भरे वाहनों को कालोनी के गेट पर रोकना इस प्रकार की कई शिकायत आई लेकिन ऊची पहुँच के कारण कोई गरीब चाहकर भी इनके आगे टिक नही पाया। इनका तहसील में इतना पावर की परिंदा भी पर न मार पाए। उम्मीद है जिलाधीश महोदय ऐसे मामलों को देखे ताकि जनता का भरोसा प्रशासन पर बना रहे। इस संबध में जिला कलेक्टर अनुराग वर्मा से उनके मोबाइल न पर सम्पर्क करना चाहा लेकिन वह मोबाइल रिसीब नही कर पाए।