jhankar
ब्रेकिंग
मूंग उपार्जन को लेकर किसान उग्र, विधायक निवास के बाहर किया प्रदर्शन , विधायक ने कहा - मुख्यमंत्री से... हरदा में किसानों का उग्र आंदोलन: मूंग खरीदी और ई-टोकन व्यवस्था के विरोध में नेशनल हाईवे जाम, पहले दि... मांधाता के वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व सैनिक भीम सिंह गुर्जर को मिली बड़ी जिम्मेदारी भाजपा सैनिक प्... 15 जुलाई को MP में अपराध और दुर्घटना की ताजा खबरें टीकमगढ़: पीडीएस के गेहूं में निकली सिर की हड्डी, हड़कंप के बाद दुकान सील जयपुर: 7 लाख में मां की सुपारी देकर बेटी ने रच दी हत्या की साजिश, पुलिस ने खोली परतें हरदा: अवैध मड पंप पर सिर्फ ₹5000 का जुर्माना, अमर रोचलानी ने उठाए सवाल, बोले- पूरे तंत्र की हो निष्प... मुरैना: "साली को घुमाने" के शक में जीजा को पेड़ से बांधकर बेल्ट और डंडों से पीटा, पत्नी के सामने दी ... हरदा हलचल- 15.07.2026 बुधवार हरदा जिले की प्रमुख खबरों की झलकियां हंडिया : सचिन भैया, शिकायत हटा लो...’ बस स्टैंड अतिक्रमण मामले में नया मोड़, शिकायतकर्ता ने साझा की ...

उम्मीद, SC जल्द करेगा राम मंदिर मुद्दे का निपटारा, वर्मा अन्य विकल्प खुले: राम माधव

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने राम मंदिर के मुद्दे पर कहा कि अध्यादेश का विकल्प हमेशा रहा है लेकिन फिलहाल मामला सुप्रीम कोर्ट में है और न्यायलय ने अगली बेंच के लिए तारीख 4 जनवरी, 2019 दी है। उन्होंने कहा कि हमें उम्मी है कि सुप्रीम कोर्ट फास्ट-ट्रैक तरीके से इस पर कार्यवाही करेगी और जल्द ही निपटारा कर देगी लेकिन अगर ऐसा नहीं होता है तो हम अन्य विकल्पों पर विचार करेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व पर भी चर्चा की। माधव ने कहा कि यह हम कैसे बता सकते हैं कि राहुल के नेतृत्व में कांग्रेस को लाब हो रहा है या नहीं, लेकिन हां एक बात है कि गांधी ने हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में अपनी पूरी ताकत झोंक दी और पार्टी को जीत दिलाई।

- Install Android App -

सहयोगी दलों के साथ छोड़ने पर राम माधव ने कहा कि गठबंधन की राजनीति सभी को साथ लेकर चलने और समझौते करने पर आधारित होती है और भाजपा इसके लिए तैयार भी है। उन्होंने कहा कि हां यह सच है कि कुशवाहा जैसे कुछ छोटे दलों ने हमारा साथ छोड़ दिया लेकिन हम कुछ नए सहयोगियों को साथ लाने पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सहयोगी दल दक्षिणी तथा पूर्वी भारत से हो सकते हैं। लोकसभा चुनाव से पहले शिवसेना और कुशवाहा ने भाजपा से दूरी बना ली है। शिवसेना ने लोकसभा चुनाव 2019 अपने दम पर अकेले लड़ने की घोषणा की है वहीं कुशवाहा ने हाल ही में भाजपा से अपना गठबंधन खत्म कर लिया। उल्लेखनीय है कि राम मुद्दे पर अब भाजपा के अंदर ही विरोधी स्वर उठने लगे हैं। साधु-संत समाज चाहता है कि मोदी सरकार अपना वादा पूरा करे और जल्द से जल्द राम मंदिर का निर्माण करवाया जाए।