jhankar
ब्रेकिंग
मूंग उपार्जन को लेकर किसान उग्र, विधायक निवास के बाहर किया प्रदर्शन , विधायक ने कहा - मुख्यमंत्री से... हरदा में किसानों का उग्र आंदोलन: मूंग खरीदी और ई-टोकन व्यवस्था के विरोध में नेशनल हाईवे जाम, पहले दि... मांधाता के वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व सैनिक भीम सिंह गुर्जर को मिली बड़ी जिम्मेदारी भाजपा सैनिक प्... 15 जुलाई को MP में अपराध और दुर्घटना की ताजा खबरें टीकमगढ़: पीडीएस के गेहूं में निकली सिर की हड्डी, हड़कंप के बाद दुकान सील जयपुर: 7 लाख में मां की सुपारी देकर बेटी ने रच दी हत्या की साजिश, पुलिस ने खोली परतें हरदा: अवैध मड पंप पर सिर्फ ₹5000 का जुर्माना, अमर रोचलानी ने उठाए सवाल, बोले- पूरे तंत्र की हो निष्प... मुरैना: "साली को घुमाने" के शक में जीजा को पेड़ से बांधकर बेल्ट और डंडों से पीटा, पत्नी के सामने दी ... हरदा हलचल- 15.07.2026 बुधवार हरदा जिले की प्रमुख खबरों की झलकियां हंडिया : सचिन भैया, शिकायत हटा लो...’ बस स्टैंड अतिक्रमण मामले में नया मोड़, शिकायतकर्ता ने साझा की ...

एक माँ के संघर्ष की कहानी- अपने 2 वर्ष के बच्चे को सही सलामत कोरोना जंग से जीताकर लौटी घर

भोपाल। वैसे तो मां से बढ़कर दुनिया में कोई और नहीं है, अगर बच्चों को कुछ हो जाए तो मां सबसे अधिक परेशान होती है, वही त्याग, समर्पण और प्यार है हर किसी का मन जीत लेती है। आज हम बात कर रहे हैं चिरायु अस्पताल से 2 वर्ष के गर्व किरार की, जो आज कोरोना संक्रमण से डटकर सामना कर जीतकर घर पहुंचा है, उसके इस संघर्ष में शामिल है उसकी मां श्रीमती ऋषिका किरार जो इस संक्रमण के दौरान अपने 2 वर्षीय मासूम बच्चे के साथ इस संघर्ष में 24 घंटे इस संक्रमण के सामने दीवार बनकर खड़ी रही और अपने बच्चे को कोरोना की जंग से जीता कर पूर्णतः स्वस्थ होकर लौटी है।
गर्व के पिताजी श्री सफल किरार बताते हैं कि वह मंगलवारा क्षेत्र में परिवार के साथ रहते हैं। विगत 9 मई को गर्व को बुखार के हल्के लक्षण दिखने पर उसकी कोरोना की जाँच कराने पर जांच रिपोर्ट में वह संक्रमित पाया गया। इस खबर से माता-पिता और परिवार सहसा स्तब्ध हो गए और बच्चे के स्वस्थ होने की चिंता करने लगे, तभी जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा गर्व को भोपाल के चिरायु अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन माता की चिंता और मासूम की देखभाल के लिए श्रीमती किरार ने स्वयं ही उसके साथ अस्पताल जाने की इच्छा जताई और बच्चे की देखभाल के लिए वे 24 घंटे सतत उसके साथ रही। इस और  माँ के प्यार और उसके आंचल की छांव में गर्व आज पूर्ण रूप से स्वस्थ होकर माँ की गोद में अठखेलियां करता हुआ अपने घर-परिवार के लिए रवाना हुआ।
श्रीमती किरार ने बताया की जिस दिन गर्व का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया उस दिन उसका जन्मदिन भी था, जिसको लेकर परिवार में ही उसके जन्मदिन की तैयारियां हो रही थी किंतु बदलते दौर ने उनकी इस खुशी को परेशानी में बदल दिया और सबके उदास चेहरों ने कई बातें बयां की, वह बताती है की इस कोरोना संघर्ष के समय वह कई बार हताश भी हुई लेकिन जीतने का जज्बा और हिम्मत से इस संक्रमण में बच्चे के साथ साथ खुद की भी देख रेख की और इस संक्रमण से खुद भी सुरक्षित रही। लेकिन आज श्रीमती किरार खुशी और हँसते हुए अपनी बात बताती है की जब चिरायु अस्पताल के चिकित्सकों द्वारा दिए गए उपचार और उनकी देख रेख के बाद गर्व स्वस्थ होकर बाहर निकला तो यह खुशी उस जन्मदिन से भी बढ़कर थी।
श्रीमती किरार जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और चिरायु अस्पताल का ह्रदय से आभार व्यक्त करती हैं और बताती हैं कि इस संकट काल में जो हमें  सुविधा उपलब्ध कराई गई है उसके लिए मैं, प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त करती हूँ।