मप्र.कांग्रेस अनुशासन समिति ने माणक अग्रवाल को 6वर्ष के लिए किया निष्कासित
मकड़ाई समाचार हरदा। राजनैतिक गलियारे में जिम्मेदार लोगो वक्तव्य कभी कभी बहुत तूल पकड़ लेता हैं तो कभी कभी कई बातें हल्के में ले ली जाती हैं। जब पार्टी के नेता पार्टी की छवि पर गलत असर डालने वाले कोई वक्तव्य दे दे तो राजनीतिक पार्टियों की अनुशासन समिति उस नेता के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेती है। जिसमें उसे प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित किया जाता है।नर्मदापुरम में कांग्रेस पार्टी के लोकप्रिय नेता माणक अग्रवाल को पार्टी के शीर्षस्थ नेताओ के खिलाफ बोलना महंगा पड़ गया है। माणक अग्रवाल को 6 वर्ष के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है।
स्पष्ट बोलना महंगा पड़ा अग्रवाल को
माणक अग्रवाल हमेशा से स्पष्टवादी रहे है जो कहना होता है वह सटीक जबाब देते हैं। यह बात उनके विरोधियो के साथ साथ उनके पार्टी के लोगो को भी अखर गई। विगत दिनो कुछ उन्होने पार्टी के वरिष्ठ लोगो पर आरोप लगाया था कि ये जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले कार्यकर्ताओ से नही मिलते हैं।इससे कार्यकर्ताओ मे हताशा आती है। उन्होने कई बार कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह और कमलनाथ के बारे में टिप्पणी की। उन्होने कमलनाथ सरकार के समय आम लोगो के कार्य कराने में दलालो की सक्रियता पर सवाल उठाए थे।
सत्येद्र फौजदार ने ली थी आपत्ति
माणक अग्रवाल के निष्कासन के मामल में होशंगाबाद जिला कांग्रेस अध्यक्ष सत्येंद्र फौजदार ने माणक अग्रवाल के बयानो के विरोध जताते हुए पार्टी के शीर्षस्थ नेताओ से हाई कमान से श्री अग्रवाल को पार्टी से निष्कासित किए जाने की मांग भी की थी। सोमवार को अनुशासन समिति द्वारा उक्त निर्णय पार्टी हाईकमान को भेजा गया है।
प्रदेश समिति कैसे हटा सकती है – माणक अग्रवाल
पार्टी से निष्कासित किए जाने की बात को लेकर श्री अग्रवाल ने कहा कि वे पार्टी के निर्वाचित सदस्य है उन्हे निष्कासित करने का अधिकार प्रदेश अनुशासन समिति को नही है।अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के शीर्षस्थ नेता द्वारा निर्णय उचित होगा। प्रदेश स्तरीय समिति इस प्रकार निर्णय कैसे दे सकती है।
क्या असर होगा
कांग्रेस देश की एक बहुत बड़ी पार्टी हैं जिसने देश की आजादी के पूर्व से अपना वर्चस्व बनाए रखा है। पार्टी में एक से बढकर एक नेता हुए है। वर्तमान परिस्थतियों प्रदेश में इस प्रकार एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाकर अंर्तकलह होगी तो इसका खामियाजा बहुत ज्यादा नुकसानी से होगा। आज माणक अग्रवाल के समर्थको की संख्या कम नही हैं। क्षेत्र के लोकप्रिय नेता हैं संभव हो कि वे एक नई पार्टी का गठन कर लें या किसी दूसरी पार्टी को समर्थन दे दे। जो भी होगा तो इससे कांग्रेस को नुकसान ही होगा। वरिष्ठ नेताओं को चाहिए कि सभी पदाधिकारी अपने कार्यकर्ताआें को मिले एवं सभी एकजुटता का परिचय देवे।

