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किसानों को 15 अप्रैल तक ऋण चुकाने की मोहलत, ग्रामीण परिवहन सेवा को मंजूरी

मकड़ाई समाचार भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बड़ा फैसला लेते हुए सहकारी समितियों से ऋण लेने वाले किसानों को अब 15 अप्रैल तक ऋण चुकाने की मिलेगी मोहलत। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कैबिनेट की बैठक में लिया निर्णय। जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों को इस अवधि का ब्याज सरकार चुकाएगी, जो लगभग सात करोड रुपए होता है। ग्रामीण परिवहन सेवा के लिए विदिशा में पायलट प्रोजेक्ट करने को मंजूरी दी गई। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्र में बस का संचालन करने वाले आपरेटर को मोटरयान कर में छूट दी जाएगी। साथ ही प्रोत्साहन राशि का प्रविधान भी किया गया है।

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सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज कैबिनेट की बैठक ली। खरीफ की फसल हेतु लिए गए ऋण को चुकाने की अवधि आज 31 मार्च को समाप्त हो रही है। कई किसान भाई-बहन इस लोन को चुका नहीं पाए हैं। अवधि समाप्त होने के बाद वे डिफाल्टर हो जाएंगे। इसलिए हमने ऋण चुकाने की तिथि को बढ़ाकर 15 अप्रैल करने का फैसला किया है। खरीफ फसल की ऋण चुकाने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 अप्रैल करने से किसानों को ऋण चुकाने में सुविधा होगी और वे डिफाल्टर नहीं होंगे। इस अवधि के लोन के ब्याज की कुल राशि 60 करोड़ होगी, जिसका भुगतान राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा। इस निर्णय का लाभ 10 लाख से अधिक किसानों को मिलेगा। खरीफ सीजन के लिए सरकार ने 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक ऋण किसानों को दिया था। अभी तक सहकारी बैंकों की वसूली मात्र 22 प्रतिशत हुई है।

कैबिनेट की बैठक में 19 जिलों में तीन माह के लिए रेत के ठेके देने का निर्णय लिया गया। ठेके ई- नीलामी के माध्यम से दिए जाएंगे। कलेक्टर को 10 दिन में यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी। एकल निविदा भी मान्य की जाएगी। प्राथमिकता में उन रेत खदानों को लिया जाएगा जिनकी समस्त स्वीकृतियां पूर्व में ही हो चुकी हैं।