अनिल उपाध्याय
खातेगांव: मध्यप्रदेश के देवास जिले की खातेगांव तहसील के चंदवाना मे 3 वर्ष पूर्व हुई एक हत्या के मामले में
खातेगांव के द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार अग्रवाल ने एक ही परिवार के तीन सदस्यों को दोषी करार देते हुए उन्हें गुरुवार को आजीवन करावास की सजा सुनाई है। साथ ही 1100 हजार रुपये का अर्थदंड से दंडित किया। आरोपितों ने लाइट की डोरी टांगने व पुरानी रंजिश पर घेर व्यक्ति की हत्या कर दी थी।
अतिरिक्त लोक अभियोजक अमित दुबे ने बताया कि गत 6 दिसंबर 2021 को रात्रि 9:00 बजे के लगभग चंदवाना गांव निवासी रामविलास उसकी बुलेट मोटरसाइकिल से खेत से घर लौट रहा था। उसी दौरान मदन गोंड के घर के सामने रामविलास की बुलेट रोककर आरोपी भागीरथ पिता बाबूलाल (60) और उसके पुत्र सुनील पिता भागीरथ (34 ) एवं अनिल पिता भागीरथ (30 ) वर्ष निवासी चंदवाना ने रामविलास की बुलेट मोटरसाइकिल को रोककर उसे नीचे गिरा दिया। बाद में सब्बल मारकर ट्रैक्टर से कुचलकर उसकी हत्या कर दी जिससे उसकी मौत हो गई ।
, इसके बाद सभी आरोपी मौके से भाग निकले। प्रकरण में, अभियोजन के द्वारा 20 साक्ष की साक्षी न्यायालय में कराई गई पूरा प्रकरण अंडर ट्रायल चला आरोपी उसी दिन से जेल के पीछे है।
सरकारी अस्पताल के वार्ड बाय राहुल की सूचना पर तत्कालीन थाना प्रभारी महेंद्र सिंह परमार और पुलिस बल अस्पताल पहुंचे तो रामविलास मृत अवस्था में मिला जिसके बाद पुलिस ने इस मामले में फरियादी राहुल पिता रामविलास की रिपोर्ट पर आरोपियों के खिलाफ धारा 302 ,341 में हत्या और रास्ता रोकने की धाराओं में मामला दर्ज किया। और आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे भिजवा दिया।
टीआई की महत्वपूर्ण भूमिका।
तत्कालीन टीआई महेंद्र सिंह परमार ने साक्ष्यो को उटाने के साथ प्रकरण की बारीकी से विवेचना के साथ न्यायालय के सामने मजबूती से पुलिस का पक्ष रखा। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और पिता और उसके दोनों पुत्र को गुरुवार को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई।