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लाइन बिछी पर पानी नहीं आया: भागीरथपुरा में बढ़ा जल संकट

इंदौर। देश के सबसे स्वच्छ और मध्य प्रदेश के आर्थिक नगर इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से अबतक 36 लोग जान गवा चुके हैं। इलाके के बड़े हिस्से में नगर निगम ने नर्मदा लाइन बिछा दी है, लेकिन फिर भी रहवासियों को जलसंकट से जूझना पड़ रहा है। नई लाइन से ज्यादातर रहवासी अपनी हौज में कनेक्शन नहीं ले पाए हैं।

नीले पाइपों के जरिए वे हौज भर रहे हैं। इस कारण उन्हें जलसंकट झेलना पड़ रहा है। दरअसल नई लाइन से कनेक्शन लेने के लिए रहवासियों को हौज के आसपास खुदाई करना होगी। हौज तक पाइप लाने के लिए आंगन में भी खुदाई होगी। इसमें काफी पैसा खर्च होता है, इससे रहवासी बच रहे हैं। कई घरों में अस्थाई पाइपों से पानी पहुंचाया जा रहा है।

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टैंकरों से भी पहुंचाया जा रहा जल
जिन इलाकों में नई लाइन नहीं बिछी, वहां टैंकरों से पानी पहुंचाया जा रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को है, जो संकरी गलियों में रहते हैं। वहां टैंकर भी नहीं पहुंच पा रहे हैं। रहवासी मदन यादव ने कहा कि बस्ती के लोगों को जलसंकट का सामना करना पड़ रहा है।

नए कनेक्शन नहीं ले पाए कई लोग
कई लोग नई लाइनों से कनेक्शन नहीं ले पाए हैं। अस्थाई कनेक्शन लेने की वजह से फिर लाइन में गंदगी जाने का खतरा बना रहेगा। अभी भी कई गलियों में खुदाई चल रही है और सड़कें खराब पड़ी हैं। लोग सड़कों के पेंचवर्क की मांग भी कर रहे हैं।

बता दें कि, इंदौर के भागीरथपुरा में दो माह पहले डायरिया और हैजा फैलने से एक हजार से ज्यादा लोग बीमार हो गए थे। साढ़े चार सौ से ज्यादा लोगों को भर्ती किया गया था और 36 लोगों की मौत हो चुकी है। इसका मामला कोर्ट में भी है। कोर्ट ने जांच के लिए एक आयोग गठित किया है। आयोग ने लोगों से दूषित पेयजल कांड को लेकर साक्ष्य भी मंगाए हैं।