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जेतली का विपक्ष से सवाल- क्या निगरानी के बिना आतंकी मॉड्यूल का होता भंडाफोड़?

दुनिया के सबसे खूंखार आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) के नए मॉड्यूल का भंडाफोड़ करके राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बड़ी सफलता हासिल कर ली है। हलांकि इसे लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेतली ने एनआईए को बधाई देते हुए विपक्ष पर निशाना साधा है।

जेतली ने निगरानी नियमों को सही ठहराते हुए विपक्ष से पूछा कि अगर निगरानी नहीं की गई होती तो इस आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ कैसे होता? उन्होंने वीरवार को ट्वीट करते हुए कहा कि जिस इलेक्‍ट्रॉनिक इंटरसेप्‍शन का यूपीए सहित विपक्ष विरोध कर रहा था। यह सफलता इसी इंटरसेप्‍शन के बल पर मिली है

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वित्त मंत्री ने एक अन्य ट्वीट में लिखा कि खतरनाक आतंकवादी मॉड्यूल को तोडऩे के लिए एनआईए बेहतरीन तरीके से काम किया। क्‍या आतंकियों के मॉड्यूल को लेकर यह खुलासा इले‍क्‍ट्रॉनिक संचार पर होने वाली निगरानी के बिना यह कार्रवाई संभव हो पाती। उन्होंने विपक्ष पर  निशाना साधते हुए पूछा कि क्या यूपीए सरकार के दौरान सबसे ज्‍यादा निगरानी की गई।

गौरतलब है कि कि हाल ही में सरकार ने नए निगरानी आदेश जारी किए हैं। जिसके तहत 10 एजेंसियों को पिछले दिनों कम्‍प्‍यूटर एवं मोबाइल फोन की निगरानी करने का अधिकार दिया है। सरकार के इस फैसले का विपक्ष ने जोरदार विरोध किया है।  विपक्षी दल इसे निजता पर हमला तक बता रहे हैं तो वहीं भाजपा के सहयोगी दल भी इस नियमों की आलोचना कर रहे हैं।