मकड़ाई समाचार हरदा/टिमरनी। टिमरनी पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त मोर्चा प्रदेश संगठन के आह्वान पर विगत 20 जुलाई से अधिकारी कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पूर्व घोषित चेतावनी करके कलम बंद अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गए हैं। जिसका आज छटवा दिन है। कर्मचारी संयुक्त मोर्चा द्वारा पूर्व में जो हड़ताल पर जाने की सरकार को चेतावनी दी गई थी, उसका असर अब दिखने लगा है। लगातार जनपद पंचायत टिमरनी के समस्त अधिकारी/कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर लामबंद होते हुए जनपद पंचायत टिमरनी में धरने पर बैठे हुए हैं। पंचायत और जनपद कार्यालय में ताला लगने एवं सचिव, रोजगार, सहायको सहित जनपद के अधिकारी कर्मचारी धरने से उठने का नाम नहीं ले रहे हैं। जिससे चलते पंचायत संबंधित ग्रामीणों के पूरे कार्य ठप पड़े हुए हैं।
ग्रामीण हुए परेशान लगा रहे जनपद और ग्राम पंचायत के चक्कर पंचायतों में लटके ताले नहीं हो रहे हैं हितग्राही मूलक किसी भी योजना के कार्य
पंचायतो में ग्रामीण मजदूरी के कोई ग्राम पंचायत जनपद के चक्कर लगा रहा है तो कोई पालक अपने बच्चों के शालाओं में प्रवेश दिलाने के लिए दस्तावेज पर सील हस्ताक्षर के लिए चक्कर लगा रहा है। किसी को राशन पर्ची जारी करवाना है तो किसी को मृत्यु प्रमाण पत्र अथवा जन्म प्रमाण पत्र संबंधित कार्य कराना है। किसी को अपनी समग्र आईडी पर नाम सुधारवाना है। कोई भी कार्य नहीं हो रहा है आखिर कब तक संयुक्त मोर्चा कर्मचारी हड़ताल से बहाल होंगे।
क्या सरकार जिम्मेदार रहेगी
इस बीच यदि कोई परेशान हितग्राही ने स्वयं अप्रियघटना को अंजाम दे दिया तो क्या पंचायत और जनपद विभाग जिसे जन्म से लेकर मृत्यु तक सभी योजनाओं के तहत लाभ दिलाने की पूर्ण जिम्मेदारी दी गई है, कोंन जबाबदार रहेगा। विगत 6 दिनों से कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर कलम बंद अनिश्चितकालीन हड़ताल पर मोर्चा संभाले हुए हैं। ग्रामीण अपने जरूरी पंचायत संबंधी दस्तावेज जारी करवाने जाएं तो कहां जाएं।

