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टिमरनी : दो विभागो में फंसा पेंच, एक हफ्ते में दो बार निकला सिविल जेल वारंट, नहीं हो पाया तलब

मकड़ाई समाचार टिमरनी। टिमरनी विकासखंड के बेपरवाह अधिकारियों के ढीले रवैया इस प्रकार सामने आता है कि टिमरनी एसडीएम कोर्ट से रीता डेहरिया के यहां से सिविल जेल के लिए वारंट निकलता है और पुलिस थाना पहुंचने इतना समय लग जाता है कि एसडीएम कोर्ट से पुलिस थाना पहुंचने में तामिल करवाने की दिनांक ही निकल जाती है और वापस एसडीएम कोर्ट चालान हो जाता है ऐसा एक बार नहीं हुआ बल्कि एक हफ्ते में दो – दो बार सिविल जेल के लिए वारंट निकलता है पर यह देखा गया है कि एसडीएम कोर्ट टिमरनी संबंधित थाना टिमरनी की दूरी कितनी है कि सिविल जेल का वारंट जाता है और वारंट तामिल करवाने से पहले की तारीख ही निकल जाती है।
यह टिमरनी विकासखंड के बेपरवाह एसडीएम तहसीलदार एवं पुलिस का इस प्रकार से ढीला रवैया यह दिखाता है कि कुल मिलाकर शासकीय रास्ते से अतिक्रमण हटाने मैं कागजी कार्रवाई का हवाला देते हुए अपने अधिकार से पीछे हटते हुए दिखाई देते हैं।
जब इस संबंध में पूर्व में कई बार एसडीएम रीता डेहरिया से दूरभाष के माध्यम से संपर्क किया गया तो कागजी कार्रवाई और संबंधित थाने को सिविल जेल के लिए आवेदन भेजा है का हवाला दे दिया जाता है।
अक्सर यह भी देखा गया कि जब कई बार तहसीलदार रितु भार्गव से इस संबंध में दूरभाष के माध्यम से चर्चा करना चाहते हैं तो यह श्रीमान अपनी जवाबदारी से पीछे हटते हुए फोन रिसीव नहीं करते हैं।
जब इस संबंध में संबंधित पुलिस थाना टिमरनी और करताना से चर्चा की गई तो जानकारी मिलती है कि हमारे पास एसडीएम कोर्ट से सिविल जेल के चालाना आता है लेकिन तामिल करवाने से पूर्व ही उक्त शासकीय रास्ते के चालान की दिनांक ही निकल जाती है ।
क्योंकि किसी भी शासकीय रास्ते से अतिक्रमण हटाने की पूर्ण जवाबदारी राजस्व विभाग की होती है लेकिन टिमरनी विकासखंड के वरिष्ठ राजस्व अधिकारी आनाकानी करते नजर आ रहे हैं।
इससे सीधा-सीधा यह सिद्ध होता है कि टिमरनी विकासखंड के अधिकारी कितने बेपरवाह होंगे। अधिकतर यही देखा जाता है कि कई मामलों में विकासखंड के वरिष्ठ अधिकारीयो से दूरभाष के माध्यम से संपर्क किया जाता है तो यह अपनी जवाबदारी से पीछे हटते हुए फोन रिसीव नहीं करते हैं।