नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद में पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। आजाद ने कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है। गौरतलब है कि गुलाब नबी आजाद बीते कई दिनों से कांग्रेस आलाकमान से नाराज चल रहे थे। आजाद ने इस्तीफा देने के साथ ही कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को भी एक पत्र लिखा है।
गुलाम नबी आजाद ने सोनिया को सौंपा 5 पेज का इस्तीफा
गुलाम नबी आजाद ने सोनिया गांधी को अपना 5 पेज का इस्तीफा सौंपा है। इस्तीफे ने गुलाम नबी आजाद ने कहा कि राहुल गांधी ने पार्टी में आतंरिक लोकतंत्र को पूरी तरह से खत्म कर दिया है। आजाद ने पत्र में कहा कि बीते कुछ सालों में राहुल गांधी ने सीनियर लीडर को दरकिनार कर दिया है। कांग्रेस में इन दिनों राहुल गांधी और सोनिया गांधी की दो टीम काम कर रही है। राहुल गांधी लगातार पार्टी के संविधान को दरकिनार करते हुए काम कर रहे हैं।
गुलाम नबी आजाद के इस्तीफे का कांग्रेस ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस
गुलाम नबी आजाद के इस्तीफे के बाद कांग्रेस नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सफाई दी। कांग्रेस नेता अजय माकन ने कहा कि हमने (गुलाम नबी) आजाद साहब का (इस्तीफे का) पत्र देखा। दुख की बात है कि उन्होंने ऐसे समय में कांग्रेस छोड़ने का फैसला किया जब कांग्रेस देश भर में बढ़ती महंगाई, बेरोज़गारी, ध्रुवीकरण की लड़ाई लड़ने जा रही है। दुख की बात है कि वे इस लड़ाई में हिस्सा नहीं बन रहे। वहीं कांग्रेस के मीडिया प्रभारी जयराम रमेश ने भी आजाद के इस्तीफे पर दुख जताया।
कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद के इस्तीफा देने पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि जो टिप्पणियां की गई हैं वो उचित नहीं है। मैं खुद सदमे में हूं कि एक 72 साल का व्यक्ति, जिसे जिंदगी में सब कुछ मिला हो वो आज ऐसे संदेश दे रहे जो मेरे समझ के परे हैं।
आजाद के इस्तीफे पर जम्मू कश्मी के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला ने श्रीनगर में कहा कि इंदिरा गांधी जी के वक्त से गुलाम नबी आज़ाद इनर कैबिनेट के मेम्बर थे। आज भी सोनिया गांधी के बहुत करीब थे। बड़ा अफसोस है मुझे कि ऐसा क्या हो गया कि इन्हें इतना बड़ा फैसला लेना पड़ा।
हिमंत बिस्वा सरमा बोले, आजाद ने लिखा मेरे जैसा पत्र
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि गुलाम नबी आजाद और मेरे लिखे गए (इस्तीफे) पत्र में काफी समानता हैं। सबको पता है कि राहुल गांधी अपरिपक्व और अप्रत्याशित नेता है। कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी ने अब तक बस अपने बेटे को ही आगे बढ़ाने का काम किया है जो अब तक विफल रहा है। इस वजह से जो नेता पार्टी के लिए वफ़ादार थे वह पार्टी छोड़कर जा रहे हैं। मैंने 2015 में ही कहा था कि कांग्रेस में सिर्फ गांधी रह जाएंगे… राहुल गांधी भाजपा के लिए वरदान हैं। जब लोग राहुल गांधी से हमारे नेताओं की तुलना करते हैं तो वैसे ही हम आगे हो जाते हैं।

