पिपल्या की निर्भया को इंसाफ दो इंसाफ दो सड़को पर उतरेंगे हजारो लोग, एसपी कलेक्टर कार्यालय का करेगे विभिन्न सामाजिक संग़ठन घेराव
आदिवासी संगठनों का आरोप : जिले में गुंडाराज हावी, नतमस्तक पुलिस प्रशासन आदिवासी समाज पर हो रहा अत्याचार
मकड़ाई समाचार हरदा। हरदा जिले के सिराली थाना अंतर्गत ग्राम पिपल्या की 15 वर्ष की नाबालिक बालिका के साथ हत्यारे दरिन्दों द्वारा निर्मम हत्या की गई। ग्राम राता माटी में अदिवासी परिवार के साथ मारपीट होती है। हरदा टिमरनी में दनादन गोलियां चलती है। असामाजिक गुंडे लोगो को मौत के घाट उतार देते है। इससे लगता है। प्रदेश में ओर हरदा जिले में गुंडाराज हावी हो गया। और पुलिस प्रशासन नतमस्तक हो गया। राष्ट्रीय नागरिक अधिकार संगठन के प्रदेश संयोजक एवं हरदा जिलाध्यक्ष धनसिंह भलावी ने सोमवार को अजाक्स कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में चर्चा करते हुए कहा कि पिपल्या की 15 वर्ष की नाबालिक बालिका सलोनी के साथ जो घटना घटी वह झकझोर कर रख देने वाली है। आदिवासी समाज की इस बेटी का अपहरण होता है। उसका बलात्कार होता है। उसे डेढ़ लाख में बेचने का सौदा हो जाता है। जब बालिका विरोध करती है तो उसे दरिंदे मौत के घाट उतार देते है। लेकिन जनता की रक्षा में बैठी पुलिस आरोपियो को बचाने में जुट जाती है। हरदा एसपी पर आरोप लगाते हुए श्री भलावी ने कहा कि पकड़े गए आरोपी स्वयं कह रहे है।की शिवानी उर्फ सलोनी के साथ बलात्कार हुआ लेकिन हरदा एसपी आरोपियों को क्लीन चिट दे रहे है। उन्होंने प्रदेश के एक प्रमुख समाचार पत्र का जिक्र करते हुऐ कहा कि अखबार में एक तरफ आरोपी कबूल रहे कि बलात्कार हुआ। दूसरी ओर हरदा एसपी बलात्कार की घटना को नकार रहे। आखिर क्यों। क्या हरदा जिले में गुंडा राज हावी है। आदिवासी समाज पर लगातार अत्याचार हो रहे है। कभी उनको वन भूमि से वेदखल किया जाता है। तो कभी दबंगो द्वारा उनकी बहन बेटियों के साथ दुराचार किया जाता है। लेकिन अब हम चुप बैठने वाले नही है। हमारा संग़ठन सभी आदिवासी संगठन के साथ मिलकर आरपार की लड़ाई लड़ेगा। अत्याचार के खिलाफ न्याय के लिये नियम भी तोड़ना पड़ेगा तो हम तोड़ेंगे। लेकिन हक अधिकारों के लिये हमारा संघर्ष जारी रहेगा। श्री भलावी ने कहा कि हम पिपल्या की बेटी को इंसाफ दिलाएंगे सीबीआई या एसआईटी जांच करवाएंगे। ओर दोषी पुलिस कर्मियों सहित घटना के पीछे किन किन लोगों का हाथ है। उन पर कार्यवाहीँ की मांग करेंगे। श्री भलावी ने कहा कि 6 अगस्त को हमारी मांगो को प्रशासन ने गंभीरता से नही लिया तो 7 अगस्त से सिराली में धरना प्रदर्शन पर सभी लोग बैठेंगे।
राष्ट्रीय नागरिक अधिकार संग़ठन के आह्वान पर सभी संगठन होंगे एकजुट करेगे घेराव
6 अगस्त को राष्ट्रीय नागरिक अधिकार संग़ठन के आह्वान पर जयस, गोंडवाना महासभा, सर्व आदिवासी महिला संगठन आकाश संग़ठन, अदिबासी छात्र संगठन, राष्ट्रीय आदिवासी एकता मंच, सहित लगभग 22 सामाजिक संगठन सभी समुदाय के मिलकर हजारो लोगो की उपस्थिति में कलेक्टर और एसपी कार्यालय का घेराव करेगे। गोंड महासभा जिलाध्यक्ष दिनेश युवने ने कहा कि आदिवासी समाज के साथ हो रही घटना से मन बहुत दुःखी है। पुलिस समय से परिजनों की रिपोर्ट लिखकर एक्शन लेती तो आज हमारी बेटी जिंदा होती। उन्होंने सभी सामाजिक लोगो से 6 अगस्त को होने वाले आंदोलन में शामिल होने की अपील की है।
राष्ट्रीय नागरिक अधिकार मंच के राष्ट्रीय प्रभारी करुणा शंकर शुक्ला ने कहा कि पिपल्या की नाबालिक अदिवासी बालिका की निर्मम हत्या मामले में सिराली थाना प्रभारी सहित एसपी की भूमिका सदिग्ध है। अदिबासी परिवार पुलिस के पास मदद के लिये जाता है। घटना 13 जुलाई की है। परिजन पहले 4 दिन तक बाहर बालिका की तलाश करते है। उसके बाद सिराली पुलिस के पास जाते है। जिन पर शंका है। उस ठेकेदार सहित अन्य महिलाओं का नाम बताने के बाद भी पुलिस ने त्वरित कोई कार्यवाही नही की। संग़ठन प्रमुख पूर्व मंत्री ओमकार सिंह मरकाम के हस्तक्षेप के बाद पुलिस कार्यवाही करती है। और 26 जुलाई को रात को अपराध दर्ज होता है। उस मे भी पीड़ित पक्ष की रिपोर्ट सही नही लिखी जाती। शुरू से ही पुलिस का रवैया गलत रहा है। वह आरोपियो को बचाने में लगी रही और बेटी को दरिन्दों ने मार डाला। श्री शुक्ला ने कहा हमारे सर्वे के अनुसार सिराली क्षेत्र में अभी 19 नाबालिक बालिकाएं गायब हो चुकी जिनका आज तक पता नही यहां पर मानव तस्करी का एक बड़ा गिरोह काम कर रहा है। जिसमे बड़े लोग शामिल है।
प्रेस वार्ता में पिपल्या निर्भया की माँ बोली,कोरे कागज पर लगवाया अंगूठा, बेटी का मुंह भी नही दिखाया
पिपल्या की बालिका सलोनी की माँ ने नम आंखों से कहा कि मेरी बेटी 13 जुलाई को काम करने शकीला ओर अनिता के साथ सिराली के ठेकेदार इकबाल के पास काम करने आई थी।लेकिन वह वापिस घर नही आई। पहले हम लोगो ने उसे तलाश किया। फिर हम रिपोर्ट लिखाने पैदल पिपल्या से सिराली थाने आये। जहां पुलिस को हमने कहा कि शकीला ओर अनिता ने ही उसे गायब किया या कहि बेच दिया। पुलिस ने नही सुनी। थाने में शकीला का भाई स्वयं कह रहा था कि उसे बेच दिया। लेकिन पुलिस ने उसे चुप करा दिया। पूछताछ करके उन दोनो को डायल 100 से घर छोड़ने गई। उसके बाद हम लोग पैदल घर गए। तीन बार थाने के चक्कर लगाए तब रिपोर्ट लिखी गई। माँ और बड़ी बहन ने कहा कि खंडवा में भी हमे बेटी का मुंह नही दिखाया गया। सिर्फ कंकाल गाड़ी में रखकर ले आये। ना ही हमारा ब्लड सेंपल लिया गया। और कोरे कागज पर अंगूठा लगवा लिया गया। निर्भया की माँ ने पुलिस पर धमकाने के आरोप भी लगाए। सलौनी के जीजा ने कहा कि रिपोर्ट लिखाने दो दिन तक घन्टो बैठे रहे थाने में।
आयोजित प्रेस वार्ता में राष्ट्रीय नागरिक अधिकार संगठन के प्रदेश संयोजक व हरदा जिलाध्यक्ष धनसिंह भलावी, राष्ट्रीय प्रभारी करुणा शंकर शुक्ला, गोंड महासभा जिलाध्यक्ष दिनेश युवने, जयस से लोकेश कलमे, पुरषोत्तम कलमे सहित अन्य पदाधिकारी उवस्थित थे।

